LIC IPO : इश्यू साइज का 35% रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व, आधा ऑफर QIB के लिए

LIC ने अपने DRHP में कहा, एंकर इनवेस्टर्स के पोर्शन में कम सब्सक्रिप्शन या नॉन अलोकेशन की स्थिति में बाकी इक्विटी शेयर नेट QIB पोर्शन में जोड़ दिए जाएंगे

अपडेटेड Feb 14, 2022 पर 10:36 AM
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LIC द्वारा मार्च में 31.62 करोड़ इक्विटी शेयरों का IPO लॉन्च किए जाने का अनुमान है

LIC IPO :  लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने अपने IPO का 35 फीसदी रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व रखा है। मार्केट रेगुलेटर सेबी (Sebi) को सौंपे ड्राफ्ट पेपर्स से यह जानकारी सामने आई है। जीवन बीमा कंपनी द्वारा मार्च में 31.62 करोड़ इक्विटी शेयरों का IPO लॉन्च किए जाने का अनुमान है। यह भारत सरकार द्वारा बिक्री के लिए लाया पूरी तरह ऑफर फॉर सेल है। सरकार की कंपनी में 100 फीसदी हिस्सेदारी है।

महामारी के बाद आए IPO को लेकर जोश में दिखे इनवेस्टर्स

महामारी के बाद से लॉन्च ज्यादातर IPO को लेकर रिटेल इनवेस्टर्स खासे उत्साहित दिख रहे हैं, क्योंकि वे बोली लगाने के मामले में खासे आगे रहे हैं। वास्तव में, वे पिछले डेढ़ साल से ज्यादा समय से प्राइमरी के साथ ही सेकेंडरी मार्केट के लिए समर्थन देने में अग्रणी रहे हैं।


विशेषज्ञों को लगता है कि LIC IPO के लॉन्च से पहले भारत में बड़ी संख्या में डीमैट खाते (demat accounts) खुलने का अनुमान है और यदि ऐसा होता है तो सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) के जरिये भी सरकार की आय खासी बढ़ सकती है।

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खुल सकते हैं 1 करोड़ नए डीमैट खाते

स्वास्तिका इनवेस्टमार्ट के हेड ऑफ रिसर्च संतोष मीणा ने कहा, “इसके जल्द बाजार में आने का अनुमान है, जिससे कम से कम 1 करोड़ नए डीमैट खाते (demat accounts) खुल सकते हैं और यह भारतीय बाजार के लिए एक बड़ी पॉजिटिव घटना हो सकती है। अगर इसके 10 फीसदी इनवेस्टर्स सक्रिय रहें तो इससे खुदरा इनवेस्टर्स की भागीदारी बढ़ेगी और इससे सरकार को STT के जरिये  अपना राजस्व बढ़ाने में मदद मिलेगी।”

उन्होंने कहा कि सकारात्मक पहलुओं के अलावा इसके सेकेंडरी मार्केट पर कुछ नकारात्मक असर हो सकते हैं, क्योंकि इससे सेकेंडरी मार्केट से लिक्विडिटी निकल सकती है।

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15 फीसदी ऑफर नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए

ऑफर का आधा हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए रिजर्व है और 15 फीसदी नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए है।

इसके अलावा कॉरपोरेशन, मर्चेंट बैंकर्स के साथ परामर्श में QIB पोर्शन का 60 फीसदी हिस्सा अपने विवेक से एंकर इनवेस्टर्स को आवंटित कर सकता है, जिसका एक तिहाई घरेलू म्यूचुअल फंडों (mutual funds) के लिए रिजर्व है।

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एंकर इनवेस्टर्स की तरफ से कम सब्सक्रिप्शन पर क्या होगा

LIC ने अपने DRHP में कहा, “एंकर इनवेस्टर्स के पोर्शन में कम सब्सक्रिप्शन या नॉन अलोकेशन की स्थिति में बाकी इक्विटी शेयर नेट QIB पोर्शन में जोड़ दिए जाएंगे।”

इसके अलावा नेट QIB पोर्शन का 5 फीसदी म्यूचुअल फंड्स को आवंटन के लिए उपलब्ध होगा और बाकी QIB पोर्शन म्यूचुअल फंडों सहित सभी QIB को अनुपातिक आधार पर आवंटन के लिए उपलब्ध होगा।

 

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