LIC IPO से पॉलिसीहोल्डर्स को लगेगा बड़ा झटका, जानिए किस वजह से घटता जाएगा बोनस

LIC IPO के ड्राफ्ट पेपर के मुताबिक, पार्टिसिपेटिंग फंड से जुड़ा सरप्लस पॉलिसीहोल्डर्स और शेयरहोल्डर्स के बीच वित्त वर्ष 2022 में 95:5 के अनुपात में, वित्त वर्ष 2023 और 2024 में 92.5:7 के अनुपात में और वित्त वर्ष 2025 से 90:10 के अनुपात में आवंटित किया जाएगा

अपडेटेड Feb 14, 2022 पर 4:07 PM
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एलआईसी के ड्राफ्ट पेपर के मुताबिक, आने वाले वर्षों में उसके पॉलिसीहोल्डर्स को मिलने वाला बोनस घटता जाएगा

LIC IPO : एलआईसी के IPO से सरकार को भले ही अप्रत्याशित लाभ हो, लेकिन इससे किसी को खासा नुकसान हुआ है। ये निगम के “पार्टिसिपेटिंग पॉलिसीज” (participating policies) के पॉलिसीहोल्डर्स हैं।  पार्टिसिपेटिंग पॉलिसीहोल्डर्स कंपनी के प्रॉफिट्स के शेयर के लिए हकदार हैं। दरअसल, एलआईसी अपने प्रॉफिट यानी कैश सरप्लस का एक बड़ा हिस्सा पॉलिसीहोल्डर्स बोनस के रूप में देती रही है, जो आगे घटता जाएगा।

ऐसे घटता जाएगा पॉलिसीहोल्डर्स को मिलने वाला बोनस

LIC ने रविवार को फाइल ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस में कहा कि 30 सितंबर, 2021 को समाप्त छमाही तक LIC के पार्टिसिपेटिंग फंड के सरप्लस को पॉलिसीहोल्डर्स और शेयरहोल्डर्स के बीच 95:5 के अनुपात में आवंटित किया जाता था, लेकिन यह अनुपात आगे बदल जाएगा। ड्राफ्ट पेपर के मुताबिक, “निगम की स्वीकृत सरप्लस वितरण नीति के क्रम में, पार्टिसिपेटिंग फंड से जुड़ा सरप्लस पॉलिसीहोल्डर्स और शेयरहोल्डर्स के बीच वित्त वर्ष 2022 में 95:5 के अनुपात में, वित्त वर्ष 2023 और 2024 में 92.5:7 के अनुपात में और वित्त वर्ष 2025 से 90:10 के अनुपात में आवंटित किया जाएगा।”


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LIC Act में था 95 फीसदी बोनस का प्रावधान

मूल LIC Act के मुताबिक, LIC द्वारा हर साल होने वाले प्रॉफिट का 95 फीसदी बोनस के रूप में पार्टिसिपेटिंग पॉलिसीहोल्डर्स को वितरित किया जाना चाहिए। हालांकि 2011 में इस एक्ट में हुए संशोधन के मुताबिक, LIC को पॉलिसीहोल्डर्स फंड (चाहे किसी भी बिजनेस से सरप्लस जेनरेट हो रहा हो) के सरप्लस का कम से कम 90 फीसदी वितरित करने की जरूरत है, जो शेयरहोल्डर्स को डिविडेंड देने से पहले पार्टिसिपेटिंग पॉलिसीज को बोनस के रूप में दिया जाना चाहिए। इस प्रकार 2012 और 2021 के बीच शेयरहोल्डर्स सभी बिजनेस से मिलने वाले सरप्लस के अधिकतम 10 फीसदी के हकदार थे। हालांकि, LIC अपनी पुरानी वितरण नीति के तहत शेयरहोल्डर्स को सरप्लस का 5 फीसदी ही देती रही।

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नई वितरण नीति पॉलिसीहोल्डर्स पर पड़ेगी भारी

नई वितरण नीति का मतलब है कि पार्टिसिपेटिंग पॉलिसीहोल्डर्स को दिया जाने वाला कैश सरप्लस का पूल आगे घटता जाएगा। ऐसा सिर्फ नए सरप्लस वितरण अनुपात की वजह से नहीं, बल्कि निगम के कंसॉलिडेटेड फंड के पार्टिसिपेटिंग पॉलिसीहोल्डर्स और नॉन पार्टिसिपेटिंग पॉलिसी फंड्स के बीच बंटने की वजह से भी है। पार्टिसिपेटिंग पॉलिसीहोल्डर्स को अब सिर्फ उनसे संबंधित फंड में प्रॉफिट पूल का लाभ मिलेगा, पूरे पूल का नहीं जैसा कि अभी तक होता रहा है।

शेयरहोल्डर्स को मिलेगा पूरे सरप्लस का लाभ

इसके विपरीत शेयरहोल्डर्स जैसे सरकार और ऑफर फॉर सेल पूरा होने के बाद नए शेयरधारकों को पॉलिसीहोल्डर्स फंड की तुलना में पूरे सरप्लस का लाभ मिलेगा।

इसी का असर था कि सितंबर, 2021 में LIC की एम्बेडेड वैल्यू लगभग 5 गुनी बढ़कर 5,39,686 करोड़ रुपये हो गई, जो मार्च, 2021 तक 95,605 करोड़ रुपये थी। इसके चलते इसी अवधि के दौरान फ्यूचर प्रॉफिट की वैल्यू 1.05 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 5.47 लाख करोड़ रुपये हो गई।

 

 

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