Mono Pharmacare IPO: दवाई बेचने वाली कंपनी का खुला आईपीओ, ग्रे मार्केट से मिल रहे ये संकेत

Mono Pharmacare IPO: दवाईयां बेचने वाली कंपनी मोनो फार्माकेयर का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। इस एसएमई कंपनी के आईपीओ में 30 अगस्त तक पैसे लगा सकेंगे। इश्यू के तहत सिर्फ नए शेयर जारी होंगे और ऑफर फॉर सेल (OFS) विंडो के तहत शेयरों के बिक्री की कोई योजना नहीं है। आईपीओ में पैसे लगाने से पहले चेक करें इश्यू से जुड़ी पूरी ए2जेड डिटेल्स

अपडेटेड Aug 28, 2023 पर 10:07 AM
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Mono Pharmacare IPO: मोनो फार्माकेयर फार्मा प्रोडक्ट्स की मार्केटिंग और डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस में है। अब इसका आईपीओ आज खुल गया है।

Mono Pharmacare IPO: दवाईयां बेचने वाली कंपनी मोनो फार्माकेयर का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। इस एसएमई कंपनी के आईपीओ में 30 अगस्त तक पैसे लगा सकेंगे। इश्यू के तहत सिर्फ नए शेयर जारी होंगे और ऑफर फॉर सेल (OFS) विंडो के तहत शेयरों के बिक्री की कोई योजना नहीं है। ग्रे मार्केट की बात करें तो फिलहाल इसके शेयरों को लेकर कोई एक्टिविटी नहीं दिख रही है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फाइनेंशियल्स और फंडामेंटल्स के आधार पर आईपीओ में पैसे लगाने का फैसला लेना चाहिए। इसके शेयरों की एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म NSE SME पर लिस्टिंग होगी।

Mono Pharmacare IPO

मोनो फार्माकेयर का 14.84 करोड़ रुपये का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 30 अगस्त तक खुला रहेगा। इस इश्यू के तहत 26-28 रुपये के प्राइस बैंड और 4000 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। आईपीओ का 10 फीसदी हिस्सा क्वालिफाईड इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (QIB) के लिए, 45 फीसदी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स और 45 फीसदी खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित है। आईपीओ की सफलता के बाद शेयरों का अलॉटमेंट 4 सितंबर को फाइनल होगा। इसके बाद शेयरों की एनएसई एसएमई पर 7 सितंबर को एंट्री होगी। आईपीओ के तहत कंपनी 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 53 लाख नए शेयर करेगी। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और आईपीओ से जुड़े खर्चों को पूरा करने में होगा।


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Mono Pharmacare की डिटेल्स

मोनो फार्माकेयर फार्मा प्रोडक्ट्स की मार्केटिंग और डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस में है। यह हेल्थ केयर प्रोडक्ट्स, एंटीबॉयोटिक दवाएं, कफ कोल्ड एंटी एलर्जिक दवाएं, एंटीफंगल दवाएं, न्यूट्रासियूटिकल दवाएं, एनाल्जेसिक और एंटीपारयेरिट दवाएं, एंटासिड और एंटीमेटिक्स दवाएं, हृदय-मधुमेह दवाएं और कॉस्मोकेयर प्रोडक्ट्स मुहैया कराती है। यह कांट्रैक्ट मैनुफैक्चरर्स के साथ मिलकर फार्मा प्रोडक्ट्स तैयार करती है और फिर उसे डीएलएस एक्पोर्ट के ब्रांड नाम के तहत बेचती है। डीएलएस एक्सपोर्ट को इसने 6.09 करोड़ रुपये में खरीदा था। फरवरी 2023 तक के आंकड़ों के मुताबिक इसके नेटवर्क में 168 फार्मा कंपनियां डिस्ट्रीब्यूटर्स और स्टॉकिस्ट के रूप में हैं और इसके 3036 खुदरा और थोक विक्रेता नेटवर्क में हैं।

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