RR Kabel IPO: इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनी आरआर कबेल (RR Kabel) आईपीओ ला रही है। इसका प्राइस बैंड भी फिक्स हो गया है। कंपनी ने जो ऐड पब्लिश किए हैं, उसके मुताबिक इस इश्यू के लिए 983-1035 रुपये का प्राइस बैंड फिक्स है। अपर प्राइस बैंड के हिसाब से यह आईपीओ करीब 1964 करोड़ रुपये का है। यह आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए अगले हफ्ते 14 सितंबर को खुलेगा। एंकर निवेशकों के लिए यह 12 सितंबर को खुलेगा। इस आईपीओ के तहत नए शेयर जारी होंगे और ऑफर फॉर सेल (OFS) विंडो के तहत भी शेयरों की बिक्री होगी। शेयरों की बीएसई और एनएसई पर लिस्टिंग होगी।
आरआर कबेल के 1964 करोड़ रुपये का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 13-15 सितंबर के बीच खुला रहेगा। इस आईपीओ में 983-1035 रुपये के प्राइस बैंड और 14 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकेंगे। एंप्लॉयीज के लिए 98 रुपये प्रति शेयर डिस्काउंट है। इश्यू का आधा हिस्सा क्वालिफाईड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB), 15 फीसदी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) और 35 फीसदी खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित है। 10.8 करोड़ शेयर एंप्लॉयीज के लिए आरक्षित हैं। आईपीओ की सफलता के बाद शेयरों का अलॉटमेंट 21 सितंबर को फाइनल होगा। इश्यू का रजिस्ट्रार लिंक इनटाइम है।
आईपीओ के तहत 180 करोड़ रुपये के 5 रुपये की फेस वैल्यू वाले 17,39,130 नए शेयर जारी होंगे। इसके अलावा बाकी 1,72,36,808 शेयरों की ऑफर फॉर सेल के तहत बिक्री होगी। इश्यू के तहत सबसे अधिक शेयर TPG Asia VII SF Pte Ltd बेचेगी। यह अपनी 1.29 फीसदी हिस्सेदारी घटाएगी। वहीं पब्लिक शेयरहोल्डर राम रत्न वायर्स ओएफएस विंडो के जरिए अपने हिस्से का पूरा 13.64 लाख शेयर बेचेगी। प्रमोटर्स महेंद्रकुमार रमेश्वरलाल काबरा, हेमंत महेंद्रकुमार काबरा और सुमीत महेंद्रकुमार काबरा, कबेल बिल्डकॉन सॉल्यूशन्स भी आईपीओ के जरिए अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे।
अब नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों के इस्तेमाल की बात करें तो 136 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज चुकाने में होगा। 28 अगस्त तक के आंकड़ों के मुताबिक इस पर 777.3 करोड़ रुपये का आउटस्टैंडिंग कर्ज है। आईपीओ के बाकी पैसों का इस्तेमाल कंपनी आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
RR Kabel के बारे में डिटेल्स
आरआर कबेल का कारोबार दो सेगमेंट में है। एक वायर और केबल का है और दूसरा पंखा, लाइट, स्विच और एप्लाएंसेज जैसे FMEG (फास्ट मूविंग इलेक्ट्रिकल गुड्स) का है। जून तिमाही के आंकड़ों के हिसाब से वायर और केबल की इसके कारोबार में 71 फीसदी हिस्सेदारी है। वहीं FMEG सेगमेंट में जो रेवेन्यू हासिल हुआ, उसका 97 फीसदी हिस्सा B2C चैनल से आया। वित्तीय सेहत की बात करें तो पिछले वित्त वर्ष 2022-23 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर गिरकर 189.87 करोड़ रुपये पर आ गया था। उसके एक वित्त वर्ष पहले 2021-22 में इसे 213.94 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हुआ था। वित्त वर्ष 2021 में इसे 135.40 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2020 में 122.40 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था।