होटल एग्रीगेटर ओयो (Oyo) ने इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) के जरिए पैसे जुटाने के लिए मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) के पास प्री-फाइलिंग रूट के जरिए शुरुआती दस्तावेज जमा कराए हैं। सूत्रों से यह जानकारी मिली है। कंपनी अपने IPO के जरिए 40 से 50 करोड़ डॉलर जुटाने की तैयारी है। सूत्रों के मुताबिक गोपनीय प्री-फाइलिंग मार्ग से दस्तावेज जमा कराने पर आगे चलकर इश्यू के साइज को बदलने का विकल्प मिलता है। एक सूत्र ने बताया कि IPO का साइज 40 से 60 करोड़ डॉलर के बीच रह सकता है। IPO में ऑफर-फॉर-सेल (OFS) के हिस्से को खत्म कर दिया गया है और इश्यू से मिले अधिकरत पैसों का इस्तेमाल कर्ज चुकाने में किया जाएगा।
2022 के अंत में, बाजार नियामक ने DRHP को लौटा दिया, ओयो को अतिरिक्त जानकारी के साथ प्रॉस्पेक्टस को फिर से भरने के लिए कहा। ओयो ने संकेत दिया था कि रिफिलिंग प्रक्रिया में दो-तीन महीने लग सकते हैं।
सेबी ने साल 2022 के अंत में ओयो के ड्राफ्ट पेपर को लौटा दिया था और उसे अतिरिक्त जानकारी के साथ प्रॉस्पेक्टस को फिर से भरने के लिए कहा। ओयो ने उस वक्त संकेत दिया था कि रिफिलिंग प्रक्रिया में दो-तीन महीने लग सकते हैं।
सेबी ने नवंबर 2022 में प्री-फाइलिंग रूट विकल्प की अनुमति दी थी। अभी तक ये विकल्प अमेरिका, यूके, कनाडा जैसे बड़े ग्लोबल शेयर बाजारों में उपलब्ध है।
प्री-फाइलिंग रूट, कंपनियों को शुरुआती चरण के दौरान IPO के साइज पर अधिक लचीलापन प्रदान करता है। पारंपरिक मार्ग में कंपनियों को सेबी की मंजूरी या अंतिम ऑब्जर्वेशन मिलने के बाद 12 महीने के भीतर आईपीओ लॉन्च करना होता है। जबकि प्री-फाइलिंग रूट में कंपनी को सेबी की अंतिम टिप्पणी के बाद आईपीओ लॉन्च करने के लिए 18 महीने का समय मिलता है।
प्री-फाइलिंग रूट के जरिए कंपनियों को अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) चरण तक प्राइमरी इश्यू के साइज को 50% तक बदलने के लिए लचीलापन प्रदान करता है।