RBZ Jewellers IPO: एंटीक ब्राइडल गोल्ड ज्वैलरी तैयार करने वाली RBZ Jewellers का 100 करोड़ रुपये का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए आज खुल चुका है। आईपीओ खुलने से पहले 3 एंकर निवेशकों से 21 करोड़ रुपये जुटा चुकी है। अब आज इसके आईपीओ को खुदरा निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला और इश्यू खुलने के एक ही घंटे में उनके लिए आरक्षित हिस्सा पूरा भर गया और पहले दिन 4 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन मिला। ओवरऑल यह इश्यू दोगुने से अधिक भर चुका है। वहीं ग्रे मार्केट में बात करें तो इसके शेयरों को लेकर खास एक्टिविटी नहीं दिख रही है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स के आधार पर ही निवेश से जुड़ा फैसला लेना चाहिए।
कैटेगरीवाइज सब्सक्रिप्शन की स्थिति
क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB)- 0.00 गुना
RBZ Jewellers IPO की डिटेल्स
आरबीजेड के 100 करोड़ रुपये के आईपीओ में 21 दिसंबर तक पैसे लगा सकेंगे। इस आईपीओ के लिए 95-100 रुपये का प्राइस बैंड फिक्स किया गया है और खुदरा निवेशक 150 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। आईपीओ की सफलता के बाद शेयरों का अलॉटमेंट 22 दिसंबर को फाइनल होगा और BSE, NSE पर लिस्टिंग के लिए 27 दिसंबर का दिन फिक्स है। शेयरों की फेस वैल्यू 2 रुपये है। इश्यू का बिगशेयर सर्विसेज है। इस आईपीओ के तहत 1 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। इन शेयरों को जारी कर जो पैसे कंपनी को मिलेंगे, उसका इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में होगा।
RBZ Jewellers के बारे में
2008 में बनी आरबीजेड ज्वैलर्स एंटीक डिजाइन के गोल्ड ज्वेलरी बनाती है। इसका होलसेल कारोबार देश के 19 राज्यों और 72 शहरों में फैला हुआ है। इसके अलावा यह Harit Zaveri' ब्रांड नाम से अपना रिटेल शोरूम भी चलाती है। इसका मैनुफैक्चरिंग प्लांट गुजरात में स्थित है। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2021 में इसे 9.75 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो वित्त वर्ष 2022 में बढ़कर 14.41 करोड़ रुपये और फिर वित्त वर्ष 2023 में उछलकर 22.33 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
इस दौरान कंपनी के रेवेन्यू में उतार-चढ़ाव रहा। वित्त वर्ष 2021 में इसका रेवेन्यू 289.63 करोड़ रुपये था जो वित्त वर्ष 2022 में थोड़ा सा घटकर 252.53 करोड़ रुपये पर आ गया लेकिन फिर वित्त वर्ष 2023 में यह रिकवर होकर 289.63 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस वित्त वर्ष 2023-24 की बात करें तो सितंबर 2023 छमाही में इसे 12.09 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा और 125.52 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल हुआ।
कंपनी में निवेश पर रिस्क क्या है
कंपनी के पास अपने सप्लायर के साथ एक्सक्लूसिव या फिक्स्ड सप्लाई अरेंजमेंट नहीं है। कच्चे माल की समय पर और पर्याप्त आपूर्ति में कोई भी दिक्कत आती है तो इसके कारोबार और वित्तीय सेहत को झटका लग सकता है। इसके अलावा गोल्ड के भाव में उतार-चढ़ाव का भी इस पर असर दिख सकता है।