Senco Gold IPO: गहने बेचने वाली दिग्गज कंपनी सेन्को गोल्ड (Senco Gold) के 270 करोड़ रुपये के आईपीओ का प्राइस बैंड फिक्स हो गया है। इस आईपीओ के तहत नए शेयर भी जारी होंगे और ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत भी शेयरों की बिक्री होगी। ग्रे मार्केट की बात करें तो इसके शेयरों की फिलहाल कोई एक्टिविटी नहीं दिख रही है। आईपीओ की सफलता के बाद इसके शेयरों की एंट्री बीएसई और एनएसई पर होगी। यह इश्यू 4 जुलाई को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। अगले महीने मेनबोर्ड यानी बीएसई-एनएसई पर लिस्टिंग के लिए खुलने वाला यह पहला आईपीओ होगा। वहीं एसएमई प्लेटफॉर्म के लिए अगले महीने पहला आईपीओ 3 जुलाई को खुल जाएगा और इसे अल्फालॉजिक इंडस्ट्रीज लेकर आ रही है।
Senco Gold IPO की डिटेल्स
सेन्को गोल्ड का 405 करोड़ रुपये का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 4-6 जुलाई के बीच खुलेगा। इस इश्यू के तहत 270 करोड़ रुपये के नए इक्विटी शेयर जारी होंगे और 135 करोड़ रुपये के शेयरों की ऑफर फॉर सेल (OFS) विंडो के तहत बिक्री होगी। 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले शेयरों के लिए 301-317 रुपये का प्राइस बैंड और 47 शेयरों का लॉट फिक्स किया गया है। इश्यू का 50 फीसदी हिस्सा क्वालिफाईड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB),15 फीसदी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) और 35 फीसदी हिस्सा खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित है।
आईपीओ की सफलता के बाद शेयरों का अलॉटमेंट 11 जुलाई को फाइनल होगा और लिस्टिंग के लिए 14 जुलाई का दिन फिक्स किया गया है। शेयरों की लिस्टिंग बीएसई और एनएसई पर होगी। नए शेयरों को जारी कर जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
Senco Gold के बारे में डिटेल्स
सेन्को गोल्ड एंड डायमंड्स ब्रांड के तहत यह कंपनी देश भर में गहने बेचती है। यह कंपनी न सिर्फ सोने-चांदी, प्लेटनिम, डायमंड और बाकी मेटल्स के गहने बेचती है बल्कि यह कॉस्ट्यूम ज्वैलरी, सोने-चांदी के सिक्के और चांदी के बर्तन भी बेचती है। देश के 13 राज्यों के 99 शहरों और नगरों में इसके 136 से अधिक शोरूम हैं जिसमें से 70 यह कंपनी खुद ऑपरेट करती है और 61 फ्रेंचाइजी शोरूम हैं।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो इसकी सेहत लगातार मजबूत हुआ है। वित्त वर्ष 2021 में इसे 61.48 करोड़ रुपये का कंसालिडेटेड शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले ही वित्त वर्ष 2022 में बढ़कर 129.10 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। अगले ही वित्त वर्ष 2023 में यह उछलकर 158.48 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसका कंसालिडेटेड रेवेन्यू भी लगातार बढ़ा है। वित्त वर्ष 2021 में 2,674.92 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2022 में 3,547.41 करोड़ रुपये और फिर वित्त वर्ष 2023 में 4,108.54 करोड़ रुपये पर कंसालिडेटेड रेवेन्यू पहुंच गया।