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Jana Small Finance Bank IPO: पहले दिन नहीं भर पाया पूरा इश्यू, ग्रे मार्केट से मिल रहे ये संकेत

Jana Small Finance Bank IPO: नॉन-बैंकिंग फाइनेंशिल कंपनी (NBFC) जन स्मॉल फाइनेंस बैंक का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया। पहले दिन इसका 570 करोड़ रुपये का आईपीओ पूरा सब्सक्राइब नहीं हो पाया। हालांकि खुदरा निवेशकों और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) के लिए आरक्षित हिस्सा पूरा भर गया। ग्रे मार्केट में बात करें तो इसकी स्थिति कमजोर हुई है

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Feb 07, 2024 पर 7:44 PM
Jana Small Finance Bank IPO: पहले दिन नहीं भर पाया पूरा इश्यू, ग्रे मार्केट से मिल रहे ये संकेत
Jana Small Finance Bank IPO: जन स्मॉल फाइनेंस बैंक के 570 करोड़ रुपये के आईपीओ में 393-414 रुपये के प्राइस बैंड में बोली लगा सकते हैं।

Jana Small Finance Bank IPO: नॉन-बैंकिंग फाइनेंशिल कंपनी (NBFC) जन स्मॉल फाइनेंस बैंक का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया। पहले दिन इसका 570 करोड़ रुपये का आईपीओ पूरा सब्सक्राइब नहीं हो पाया। हालांकि खुदरा निवेशकों और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) के लिए आरक्षित हिस्सा पूरा भर गया। ग्रे मार्केट में बात करें तो इसकी स्थिति कमजोर हुई है। आईपीओ खुलने से पहले आईपीओ के अपर प्राइस बैंड से यह 108 रुपये की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर था लेकिन अब यह फिसलकर 51 रुपये यानी 12.32 फीसदी प्रीमियम पर आ चुका है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स के आधार पर ही आईपीओ में निवेश से जुड़ा फैसला लेना चाहिए।

Jana Small Finance Bank IPO की डिटेल्स

जन स्मॉल फाइनेंस बैंक की खूबियों-कमजोरियों को जानने से पहले इसके आईपीओ की डिटेल्स समझ लेते हैं कि इस आईपीओ में किस भाव पर बोली लगा सकते हैं और आईपीओ के पैसों का इस्तेमाल कैसे होगा। खुदरा निवेशक इसके 570 करोड़ रुपये के आईपीओ में 393-414 रुपये के प्राइस बैंड और 36 शेयरों के लॉट में बोली लगा सकते हैं। आईपीओ की सफलता के बाद शेयरों का अलॉटमेंट 12 फरवरी को फाइनल होगा और इसके बाद BSE, NSE पर 14 फरवरी को एंट्री होगी। इश्यू का रजिस्ट्रार केफिन टेक है।

इस आईपीओ के तहत 462 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी होंगे। इसके अलावा 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 26,08,629 शेयरों की ऑफर फॉर सेल (OFS) विंडो के तहत बिक्री होगी। ऑफर फॉर सेल के जरिए जो पैसे मिलेंगे, वह शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिलेंगे। नए शेयरों के जरिए जारी कर जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल बैंक के टियर-1 कैपिटल बेस को बढ़ाने और इश्यू से जुड़े खर्चों को भरने में होगा।

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