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Tata Sons IPO: टाटा संस के आईपीओ को लेकर आया बड़ा अपडेट, RBI ने दी यह जानकारी

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बताया कि टाटा संस ने इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) लाने की अनिवार्यता से छूट मांगने के लिए आवेदन दिया है, जिसकी समीक्षा की जा रही है। हमारे सहयोगी CNBCTV-18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, RBI ने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत पूछे गए एक सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। RTI आवेदन में आरबीआई से पूछा गया था कि "क्या टाटा संस के आवेदन पर कोई फैसला लिया गया है?"

Moneycontrol Newsअपडेटेड Dec 10, 2024 पर 1:26 PM
Tata Sons IPO: टाटा संस के आईपीओ को लेकर आया बड़ा अपडेट, RBI ने दी यह जानकारी
Tata Sons अपना IPO लाने से बचने के लिए दिसंबर 2023 से ही RBI के साथ संपर्क में है

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बताया कि टाटा संस ने इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) लाने की अनिवार्यता से छूट मांगने के लिए आवेदन दिया है, जिसकी समीक्षा की जा रही है। हमारे सहयोगी CNBCTV-18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, RBI ने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत पूछे गए एक सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। RTI आवेदन में आरबीआई से पूछा गया था कि "क्या टाटा संस के आवेदन पर कोई फैसला लिया गया है।" यह सवाल 14 नवंबर 2024 को पूछा गया था।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कहा है कि अनिवार्य आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (IPO) से छूट मांगने वाले टाटा संस के आवेदन की समीक्षा की जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, 14 नवंबर, 2024 को सूचना के अधिकार (RTI) आवेदन के जवाब में, केंद्रीय बैंक ने यह भी कहा कि कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (CIC) के रूप में अपने पंजीकरण प्रमाणपत्र (COR) को सरेंडर करने के टाटा संस के अनुरोध पर अभी भी विचार किया जा रहा है।

केंद्रीय बैंक ने आरटीआई के जवाब में यह भी कहा कि टाटा संस ने कोर इनवेस्टमेंट कंपनी (CIC) के रूप में अपना रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट वापस करने का प्रस्ताव रखा है और कंपनी के अनुरोध पर अभी भी विचार किया जा रहा है।

टाटा संस, टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी है। RBI ने सितंबर 2022 में इस कंपनी को अपर-लेयर वाली नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों की लिस्ट में डाला था। नियमों के मुताबिक, इस लिस्ट में आने वाली NBFC कंपनियों को 3 साल के भीतर खुद को शेयर बाजार में लिस्ट कराना होता था। इस हिसाब से टाटा संस के पास अपना आईपीओ लाने के लिए सितंबर 2025 तक का समय है। यह नियम इसलिए बनाया गया है ताकि महत्वपूर्ण संस्थाओं में कॉरपोरेट गवर्नेंस और पारदर्शिता को बढ़ाया जा सके।

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