Yatharth Hospital IPO: यथार्थ हॉस्पिटल का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए आज खुल गया है। इस आईपीओ के तहत सिर्फ नए शेयर ही नहीं बल्कि ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत प्रमोटर्स भी शेयरों की बिक्री करेंगे। ग्रे मार्केट की बात करें तो शेयरों की स्थिति मजबूत दिख रही है। आईपीओ के प्राइस बैंड के अपर प्राइस के हिसाब से इसके शेयर 55 रुपये यानी 18.33 फीसदी की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर हैं। हालांकि बाजार के जानकारों का कहना है कि ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल और फाइनेंशियल के आधार पर निवेश का फैसला लेना चाहिए। यहां आईपीओ से जुड़े सभी जरूरी डिटेल्स दिए जा रहे हैं ताकि इसके आधार पर निवेश से जुड़ा फैसला लिया जा सके।
Yatharth Hospital IPO की डिटेल्स
यथार्थ हॉस्पिटल के 676.7 करोड़ रुपये के आईपीओ के तहत नए शेयर भी जारी होंगे और ऑफर फॉर सेल (OFS) विंडो के तहत भी शेयरों की बिक्री होगी। इस इश्यू के जरिए प्रमोटर्स विमला त्यागी, प्रेम नारायण त्यागी और नीना त्यागी 65.51 लाख शेयरों की बिक्री करेंगे। वहीं इश्यू के जरिए 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 490 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी होंगे। पहले इसके तहत 610 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी करने की योजना था लेकिन कंपनी ने रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) फाइल करने से पहले प्राइवेट प्लेसमेंट के तहत 6 जुलाई को 300 रुपये के भाव पर 40 लाख शेयर जारी किए और 120 करोड़ रुपये जुटा लिए। इसके चलते नए शेयरों का आईपीओ साइज घट गया।
इस आईपीओ में 28 जुलाई तक पैसे लगा सकेंगे। प्राइस बैंड 285-300 रुपये और लॉट साइज 50 शेयरों का फिक्स किया गया है। आईपीओ की सफलता के बाद शेयरों का अलॉटमेंट अगले महीने 2 अगस्त को फाइनल होगा। इश्यू का रजिस्ट्रार लिंक इनटाइम है। इसके बाद शेयरों की बीएसई-एनएसई पर 7 अगस्त को एंट्री होगी। नए शेयरों को जारी कर कंपनी जो पैसे जुटाएगी, उसका इस्तेमाल कर्ज चुकाने, अस्पतालों के कैपिटल एक्सपेंडिचर, इनऑर्गेनिक ग्रोथ इनिशिएटिव और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में होगा।
Yatharth Hospital के बारे में डिटेल्स
यथार्थ हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा केयर सर्विसेज के नोएडा, ग्रेटर नोएडा और नोएडा एक्सटेंशन यानी दिल्ली एनसीआर में तीन सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल हैं। इसके अलावा इसने उत्तर प्रदेश के झांसी के पास मध्य प्रदेश के ओरछा में 305 बेड वाले मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल का अधिग्रहण किया है। इस अधिग्रहण के बाद इसकी क्षमता बढ़कर 1,405 बेड की हो गई है। 31 मार्च, 2023 तक उपलब्ध आंकड़ों के हिसाब से इसमें 609 डॉक्टर हैं।
इसके वित्तीय सेहत की बात करें तो यथार्थ हॉस्पिटल का EBITDA वित्त वर्ष 2021 में 67.01 करोड़ रुपये से 41.29 फीसदी की CAGR से बढ़कर वित्त वर्ष 2023 में 13.38 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसका शुद्ध मुनाफा भी वित्त वर्ष 2021 में 19.58 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2022 में 44.16 करोड़ रुपये और फिर वित्त वर्ष 2023 में 65.76 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वित्त वर्ष 2023 में इसकी बेड अकुपेंसी रेट 45.53 फीसदी थी।
आईपीओ में निवेश को लेकर क्या है रिस्क
बाजार के जानकारों ने यथार्थ हॉस्पिटल के आईपीओ में निवेश को लेकर तीन अहम रिस्क बताए हैं। सबसे पहला तो ये है कि यह डॉक्टर्स, नर्स और बाकी हेल्थकेयर प्रोफेशनल पर अधिक निर्भर है। इसके चलते अगर यथार्थ हॉस्पिटल इस प्रकार के प्रोफेशनल को आकर्षित करने, उन्हें बनाए रखने और प्रशिक्षित करने में नाकाम रहती है तो इसके कारोबार और वित्तीय सेहत को झटका लग सकता है।
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह कंपनी अपने ब्रांड और भरोसे के दम पर टिकी हुई है और अगर यह इसे बनाए रखने में नाकाम होती है तो भी इसके कारोबार को झटका लग सकता है। इसके अलावा यथार्थ हॉस्पिटल के आईपीओ में निवेश से जुड़ा एक रिस्क यह भी है कि अगर यह अपने हॉस्पिटल अकुपेंसी रेट को बढ़ाने में नाकाम रहती है तो यह जितनी पूंजी लगा रही है, उससे पर्याप्त रिटर्न हासिल नहीं कर पाएगी। इससे इसकी ऑपरेटिंग एफिशिएंसी और प्रॉफिटेबिलिटी पर भी असर पड़ेगा।