Sah Polymers IPO: इस साल का आखिरी आईपीओ कल शुक्रवार 30 दिसंबर 2022 को खुलने वाला है। बोरी बनाने वाली दिग्गज कंपनी साह पॉलीमर्स (Sah Polymers) के 66 करोड़ रुपये के आईपीओ में अगले साल 4 जनवरी तक पैसे लगा सकेंगे। कंपनी ने चालू वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही में SEBI के पास आईपीओ के लिए मंजूरी मांगी थी और 31 अक्टूबर-3 नवंबर के बीच मंजूरी मिल गई। ग्रे मार्केट में इसके शेयर 5 रुपये की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर ट्रेड हो रहे हैं। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स के आधार पर निवेश का फैसला लेना चाहिए।
Sah Polymers IPO की डिटेल्स
साह पॉलीमर्स का 66 करोड़ रुपये का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 30 दिसंबर 2022 से 4 जनवरी 2023 के बीच खुला रहेगा। इस आईपीओ के तहत सिर्फ नए शेयर जारी होंगे। इश्यू के लिए 61-65 रुपये का प्राइस बैंड और 230 शेयरों का लॉट साइज फिक्स किया गया है यानी कि खुदरा निवेशकों को प्राइस बैंड के अपर प्राइस के हिसाब से कम से कम 14950 रुपये निवेश करना होगा। शेयरों का अलॉटमेंट 9 जनवरी को फाइनल होगा और बीएसई-एनएसई पर लिस्टिंग 12 जनवरी को होगी।
इश्यू का 75 फीसदी हिस्सा क्वालिफाईड इंस्टीट्यूशनल बॉयर्स (QIB), 15 फीसदी हिस्सा नॉन- इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स (NII) और 10 फीसदी हिस्सा खुदरा निवेशकों का हिस्सा आरक्षित है। इश्यू के लिए रजिस्ट्रार लिंक इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड है। नए शेयरों को जारी कर जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने, कर्ज चुकता करने, कंपनी की वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
कंपनी के बारे में डिटेल्स
साह पॉलीमर्स एग्रो पेस्टिसाइड्स, दवा, सीमेंट, केमिकल, खाद, फूड प्रोडक्ट्स, कपड़े, टाइल्स और स्टील इंडस्ट्री के कंपनियों को बोरी बनाकर सप्लाई करती है। इसका कारोबार देश के 6 राज्यों और एक यूनियन टेरिटरी समेत अफ्रीका, मिडिल ईस्ट, यूरोप, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और कैरेबियन में फैला हुआ है। कंपनी को वित्त वर्ष 2020 में महज 30 लाख रुपये का मुनाफा हासिल हुआ था जिसके बाद अगले वित्त वर्ष 2021 में यह बढ़कर 1.27 करोड़ रुपये और फिर वित्त वर्ष 2021-22 में 4.38 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हासिल हुआ।