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UP Lok Sabha Elections 2024: उत्तर प्रदेश में इस बार कैसा होगा चुनावी घमासान? इन बड़े चेहरों और सीट पर रहेंगी सबकी नजरें

Uttar Pradesh Lok Sabha Elections 2024: उत्तर प्रदेश को राजनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण राज्य माना जाता है, क्योंकि यह लोकसभा में 80 सांसद भेजता है। चुनावी नजरिए से सबसे बड़ा राज्य राजनीतिक दलों के सबसे ज्यादा फोकस में रहते है और इस बार भी रहेगा, क्योंकि ये एक अकेला राज्य किस के लिए भी गेमचेंजर बनने की ताकत रखता है

Shubham Sharmaअपडेटेड Mar 07, 2024 पर 2:22 PM
UP Lok Sabha Elections 2024: उत्तर प्रदेश में इस बार कैसा होगा चुनावी घमासान? इन बड़े चेहरों और सीट पर रहेंगी सबकी नजरें
Uttar Pradesh Lok Sabha Elections 2024: उत्तर प्रदेश लोकसभा चुनाव में इस बार इन बड़े चेहरों पर रहेगी सबकी नजर

Uttar Pradesh Lok Sabha Elections 2024: लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2024) को लेकर देश में हलचल तेज हो गई है। ऐसी में सभी निगाहें इस वक्त उत्तर प्रदेश पर हैं। क्योंकि लोकसभा की सबसे ज्यादा- 80 सीट ही इस प्रदेश में हैं। राज्य को अक्सर देश के राजनीतिक हृदय स्थल के रूप में जाना जाता है। इसके अलावा, देश के नेतृत्व को आकार देने में राज्य के ऐतिहासिक महत्व को भी कम करके आंका नहीं जा सकता है, जिसने भारत को आठ प्रधानमंत्री दिए हैं। उत्तर प्रदेश में कई प्रधान मंत्री बने हैं, जिन्होंने इस राज्य की अलग-अलग सीटों से चुनाव लड़ा है। पंडित जवाहरलाल नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी, चौधरी चरण सिंह, राजीव गांधी, विश्वनाथ प्रताप सिंह, चन्द्रशेखर, अटल बिहारी बाजजेई और नरेंद्र मोदी यूपी के जरिए ही केंद्र की सत्ता तक पहुंचे।

सबसे पहले एक नजर डालते हैं कि 2019 के लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2024) के नतीजों पर, तो इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 62 सीटें हासिल की। बीजेपी ने यहां 78 सीटों पर चुनाव लड़ा था और दो सीट अपने गठबंधन सहयोगी अपना दल के लिए छोड़ी थीं।

वहीं अगर विपक्षी खेमे पर एक नजर डालें, तो पिछले चुनाव में मायावती बहुजन समाज पार्टी, अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी और जयंत चौधरी राष्ट्रीय लोकदल साथ मिल चुनावी मैदान में उतरे थे, लेकिन ये तिगड़ी कोई खास कमाल नहीं कर पाई और गठबंधन कुल मिलाकर 15 सीटों पर सिमट गया।

इस में BSP 38 सीटों पर लड़ी और 10 जीती, जबकि सपा 37 सीटों पर लड़ी और महज पांच सीट ही उसके हिस्से में आई। हालांकि, RLD को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ, जो तीन सीटों पर लड़ी और एक पर भी जीत नहीं मिली।

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