अदाणी ग्रीन एनर्जी (Adani Green Energy) का चौथा हाइब्रिड पावर प्लांट राजस्थान के जैसलमेर में चालू हो गया है। इसके साथ की कंपनी का चालू अवस्था वाला रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो बढ़कर 8,024 मेगावॉट पहुंच गया, जो पूरे देश की किसी भी रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी से अधिक है। अदाणी ग्रीन एनर्जी ने शुक्रवार 3 मार्च को शेयर बाजारों को भेजी एक सूचना में बताया, "इस नए हाइब्रिड पावर प्लांट की संयुक्त ऑपरेशनल उत्पादन क्षमता 700 मेगावॉट है। साथ ही प्लांट के पास 25 सालों के लिए 3.24 रुपये प्रति किलोवॉट के भाव पर पावर परचेज एग्रीमेंट भी है।"
इस प्लांट में 600 मेगावॉट के सोलर और 510 मेगावॉट की विंड एनर्जी यूनिट का मिश्रण है। इसके साथ ही अदाणी ग्रीन एनर्जी का ऑपरेटिंग विंड-सोलर हाइब्रिड पोर्टफोलियो अब बढ़कर 2,140 मेगावॉट है, जो पूरी दुनिया की किसी भी कंपनी से अधिक है।
कंपनी ने अपना पहला हाइब्रिड पावर प्लांट मई 2022 में शुरू किया था, जो 390 मेगावॉट का था। इसके बाद इसके सितंबर 2022 में 600 मेगावॉट का एक हाइब्रिड पावर प्लांट शुरू किया था, जो दुनिया का सबसे बड़ा को-लोकेटेड हाइब्रिड पावर प्लांट है। वहीं कंपनी ने अपना तीसरा हाइब्रिड प्लांट दिसंबर 2022 में शुरू किया था, जो 450 मेगावॉट का था। ये तीनों पावर प्लांट भी जैसलमेर में ही हैं।
यह खबर ऐसे समय में आई है जब दिग्गज अमेरिकी इनवेस्टमेंट फर्म, GQG ने एक दिन पहले ही अदाणी ग्रीन एनर्जी सहित अदाणी ग्रुप की 4 कंपनियों में 15,446 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इसमें से 2,806 करोड़ रुपये का निवेश अदाणी ग्रीन एनर्जी में किया गया है। अदाणी ग्रुप इस निवेश से मिली रकम का इस्तेमाल कर्ज को घटाने और दूसरे सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों को पूरा करने में करेगा।
इन खबरों को अदाणी ग्रीन एनर्जी के शेयरों पर सकरात्मक असर पड़ा है। शुक्रवार 2 मार्च को अदाणी ग्रीन एनर्जी के शेयर 5 फीसदी की अपर सर्किट सीमा को छूकर 561.75 रुपये के भाव पर बंद हुए।