अदाणी ग्रुप की कंपनियों का मार्केट कैप 7 लाख करोड़ रुपये से नीचे आ चुका है। आज इसके मार्केट कैप में 26 हजार करोड़ रुपये की और गिरावट आई। अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च (Hindenburg Research) की रिपोर्ट आने के बाद से ग्रुप की कंपनियों के शेयरों पर बिकवाली का भारी दबाव है। एक महीने में Adani Group की कंपनियों में निवेशकों के 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक डूब चुके हैं। शेयरों में गिरावट के चलते घरेलू मार्केट में इसका दबदबा कम हुआ है क्योंकि पिछले दो साल में पहली बार बीएसई के मार्केट कैप में इसकी हिस्सेदारी 3 फीसदी से नीचे आई है। सितंबर 2022 में यह आंकड़ा 8 फीसदी था। हाल ही में ग्रुप में शामिल हुई तीन कंपनियों की बात करें तो बीएसई के मार्केट कैप में इनकी हिस्सेदारी 257.28 करोड़ रुपये की पूंजी के साथ 2.6 फीसदी है।
