Adani Group की कंपनियों के शेयरों पर दबाव बना हुआ है। हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के तीन महीने बाद भी अदाणी ग्रुप की कंपनियों पर इनवेस्टर्स का भरोसा नहीं लौटा है। ज्यादातर शेयर भले ही पिटाई के बुरे दौर से बाहर आ चुके हैं, लेकिन वे अपने 52 हफ्ते के अपने हाई लेवल से बहुत दूर हैं। खास बात यह है कि संस्थागत निवेशक भी इस ग्रुप के शेयरों में अपना निवेश घटा रहे हैं। मार्च के अंत में इस ग्रुप की कंपनियों में म्यूचुअल फंड के निवेश के डेटा से इसका संकेत मिलता है।
