रुपया डॉलर के मुकाबले गिरकर 19 मई को 96.45 के अब तक के सबसे निचले स्तर पर आ गया। इसकी वजह क्रूड ऑयल की ऊंची कीमतें हैं। 19 मई को ब्रेंट क्रूड का भाव 110 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गया। इसका असर रुपये पर पड़ा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि क्रूड की ऊंची कीमतों से भारत के इंपोर्ट बिल पर दबाव बढ़ रहा है। 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद से रुपये में बड़ी कमजोरी आई है।
