Get App

Ashish Kacholia Shares: 'बिग व्हेल' ने इन 7 कंपनियों में घटाई हिस्सेदारी, 6 में बेच दिया पूरा शेयर, आप भी लेंगे सबक!

Ashish Kacholia Shares: दिग्गज निवेशक आशीष कचोलिया ने जून तिमाही के दौरान अपने पोर्टफोलियो में कई बदलाव किए हैं। उन्होंने 7 शेयरों में अपनी हिस्सेदारी घटाई है। जबकि 6 कंपनियों में तो उन्होंने संभवत: अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच दी है। ऐसा इसलिए क्योंकि इन कंपनियों के शेयरधारकों में अब आशीष कचोलिया का नाम नहीं दिख रहा है

Moneycontrol Newsअपडेटेड Jul 25, 2024 पर 11:52 PM
Ashish Kacholia Shares: 'बिग व्हेल' ने इन 7 कंपनियों में घटाई हिस्सेदारी, 6 में बेच दिया पूरा शेयर, आप भी लेंगे सबक!
Ashish Kacholia Shares: आशीष कचोलिया के पूरे पोर्टफोलियो की वैल्यू करीब 2,400 करोड़ रुपये है

Ashish Kacholia Shares: 'बिग व्हेल' के नाम से जाने जाने वाले दिग्गज निवेशक आशीष कचोलिया ने जून तिमाही के दौरान अपने पोर्टफोलियो में कई बदलाव किए हैं। उन्होंने 7 शेयरों में अपनी हिस्सेदारी घटाई है। जबकि 6 कंपनियों में तो उन्होंने संभवत: अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच दी है। ऐसा इसलिए क्योंकि इन कंपनियों के शेयरधारकों में अब आशीष कचोलिया का नाम नहीं दिख रहा है। आशीष कचोलिया ने जिन 7 कंपनियों में हिस्सेदारी घटाई है, उनमें PCBL लिमिटेड, वालचंदनगर इंडस्ट्रीज, रिप्रो इंडिया, सस्तासुंदर वेंचर्स, शैली इंजीनियरिंग प्लास्टिक्स, NIIT लर्निंग सिस्टम्स और आदित्य विजन लिमिटेड शामिल हैं।

पिछले एक साल में वालचंदनगर इंडस्ट्रीज और शैली इंजीनियरिंग प्लास्टिक्स दोनों ने 100 फीसदी से अधिक का रिटर्न दिया है। वहीं PCBL लिमिटेड के शेयरों में 88 फीसदी की तेजी आई है। दूसरी ओर, रेप्रो इंडिया के शेयरों में करीब 20 फीसदी की गिरावट आई है।

कचोलिया ने PCBL लिमिटेड के 1.23 लाख शेयर बेचे और अपनी हिस्सेदारी 3.42 प्रतिशत से घटाकर 2.89 प्रतिशत कर दी है। वहीं वालचंदनगर इंडस्ट्रीज में उन्होंने करीब 30.26 लाख शेयर बेचे, जिससे उनकी हिस्सेदारी 3.17 प्रतिशत से घटकर 1.03 प्रतिशत रह गई। रेप्रो इंडिया में उन्होंने 55,668 शेयर बेचे, जिससे उनकी हिस्सेदारी 2.8 प्रतिशत से घटकर 2.41 प्रतिशत रह गई।

सस्तासुंदर वेंचर्स में उन्होंने करीब 2.47 लाख शेयर बेचे, जिससे उनकी हिस्सेदारी 1.88 प्रतिशत से घटकर 1.11 प्रतिशत रह गई। शैली इंजीनियरिंग प्लास्टिक्स में उन्होंने 3 लाख शेयर बेचे, जिससे उनकी हिस्सेदारी 5.55 प्रतिशत से घटकर 4.89 प्रतिशत रह गई।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें