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कच्चे तेल की बढ़ती कीमत से टल सकती है ब्याज दरों में कटौती, एशियाई बाजारों में छाई गिरावट

मिडिल ईस्ट में US-इजरायल और ईरान के बीच लड़ाई 28 फरवरी 2026 से जारी है। खाड़ी क्षेत्र और होर्मुज स्ट्रेट से होने वाला समुद्री यातायात रुक गया है। ब्रेंट क्रूड 0.1% बढ़कर 103.27 डॉलर प्रति बैरल हो गया है। सोमवार को चीन के आर्थिक आंकड़े जारी होने वाले हैं

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Mar 16, 2026 पर 8:28 AM
कच्चे तेल की बढ़ती कीमत से टल सकती है ब्याज दरों में कटौती, एशियाई बाजारों में छाई गिरावट
US, ब्रिटेन, यूरोप, जापान, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, स्विट्जरलैंड और स्वीडन के केंद्रीय बैंक इस हफ्ते नीतिगत दरों पर मीटिंग करने वाले हैं।

एशियाई बाजार सतर्क मूड में दिख रहे हैं। खाड़ी क्षेत्र में चल रही लड़ाई के कारण कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। इससे महंगाई बढ़ने का डर पैदा हो गया है। इसके चलते केंद्रीय बैंकों को लंबे समय तक सख्त मौद्रिक रुख बनाए रखने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। अनुमान है कि इस हफ्ते होने जा रही पॉलिसी मीटिंग्स में ज्यादातर केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को जस का तस रख सकते हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोप, जापान, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, स्विट्जरलैंड और स्वीडन के केंद्रीय बैंक इस हफ्ते नीतिगत दरों पर मीटिंग करने वाले हैं।

कच्चे तेल की कीमत की बात करें तो ब्रेंट क्रूड 0.1% बढ़कर 103.27 डॉलर प्रति बैरल हो गया है। अमेरिकी क्रूड 0.7% गिरकर 97.99 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। एशियाई मार्केट्स में जापान का निक्केई 1.2% गिरा है, जबकि दक्षिण कोरिया का KOSPI 0.6% गिरा है। जकार्ता कंपोजिट 2% से ज्यादा गिरा है। वहीं हेंग सेंग और ताइवान वेटेड में तेजी है।

सोमवार को चीन के आर्थिक आंकड़े जारी होने वाले हैं। उम्मीद है कि साल की निराशाजनक शुरुआत के बाद फरवरी में खुदरा बिक्री के आंकड़े अच्छे होंगे। औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि लगभग 5% रहने का अनुमान है।

फेड की मीटिंग 17-18 मार्च को

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