बजाज ग्रुप (Bajaj Group) की एनबीएफसी इकाई बजाज फाइनेंस के शेयरों में आज बिकवाली का दबाव है। हालांकि ब्रोकरेज फर्म जेफरीज (Jefferies) का भरोसा इस पर बना हुआ है और इसने टारगेट प्राइस भी बढ़ा दिया है। मजबूत लोन ग्रोथ और फंडिंग की लागत में गिरावट के चलते ब्रोकरेज बजाज फाइनेंस में निवेश को लेकर पॉजिटिव है। जेफरीज ने इसमें 8310 रुपये के टारगेट (Bajaj Finance Target Price) पर पैसे लगाने की सलाह दी है जो मौजूदा लेवल से 18 फीसदी से भी अधिक अपसाइड है। पहले इसका टारगेट जेफरीज ने 7280 रुपये रखा था। इसके शेयर आज बीएसई पर 0.24 फीसदी की गिरावट के साथ 7024 रुपये (Bajaj Finance Share Price) पर बंद हुए हैं।
Bajaj Finance के टारगेट में बढ़ोतरी क्यों
बजाज फाइनेंस का लोनबुक 27 फीसदी के सालाना चक्रवृद्धि दर से बढ़ रहा है। ऐसे में ब्रोकरेज का मानना है इसके दम पर वित्त वर्ष 2023-26 में इसकी कमाई 26 फीसदी और RoE 25 फीसदी सीएजीआर से बढ़ सकती है। इसके अलावा वित्त वर्ष 2025-26 में फंडिंग कॉस्ट में गिरावट और नेट इंटेरेस्ट मार्जिन में सुधार के अनुमान के साथ-साथ इक्विटी की कम लागत पर ब्रोकरेज ने इसका टारगेट प्राइस बढ़ा दिया है। इस वजह से बजाज फाइनेंस ब्रोकरेज के टॉप फाइनेंशियल पिक में शुमार है।
ब्रोकरेज इतना पॉजिटिव क्यों हैं
बजाज फाइनेंस के सीईओ राजीव जैन के प्रेजेंटेशन के चलते इसकी आगे की ग्रोथ को लेकर जेफरीज के एनालिस्ट्स पॉजिटिव हैं। राजीव जैन ने कंज्यूमर लोन में बजाज फाइनेंस की मजबूत स्थिति के बारे में बात की जिसकी इस सेगमेंट में आधे से अधिक हिस्सेदारी है। इस प्रेजेंटेशन के मुताबिक बजाज फाइनेंस की हिस्सेदारी वॉल्यूम के हिसाब से कुछ कम हुई लेकिन वैल्यू के हिसाब से बढ़ी है। कंपनी अपना विस्तार कर रही है और अब इसने ऑटो, ट्रैक्टर कॉमर्शियल वेईकल्स, एमएफआई और एमर्जिंग कॉरपोरेट जैसे सेगमेंट में एंट्री का ऐलान किया है यानी इसके ग्राहकों का दायरा अब और बढ़ेगा।
बजाज फाइनेंस का लक्ष्य रिटेल क्रेडिट्स में 4-5 फीसदी और पेमेंट्स में 3 फीसदी हिस्सेदारी हासिल करने की है। राजीव कंपनी में 16 वर्षों से हैं और अप्रैल 2025 में उनका कार्यकाल खत्म हो रहा है। उनके बाद कंपनी किस दिशा में आगे बढ़ेगी, इसे लेकर उन्होंने कहा कि कंपनी की दूसरी लाइन काफी मजबूत है यानी कि उनके बाद भी कंपनी बेहतर परफॉर्म करेगी।
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