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BSE ने SME को मेन बोर्ड में शिफ्ट करने के लिए जारी किए नए गाइडलाइन, जानिए डिटेल

BSE की गाइडलाइन के मुताबिक SME का ऑपरेटिंग प्रॉफिट कम से कम तीन वित्त वर्षों में से किसी दो में पॉजिटिव होना चाहिए। साथ ही एक्सचेंज में माइग्रेशन एप्लिकेशन दायर करने वाले मौजूदा वित्त वर्ष में शुद्ध मुनाफे में बढ़ोतरी दर्ज की हो। जानिए गाइडलाइन में और क्या कहा गया है

Edited By: Shubham Singh Thakurअपडेटेड Nov 26, 2023 पर 8:20 PM
BSE ने SME को मेन बोर्ड में शिफ्ट करने के लिए जारी किए नए गाइडलाइन, जानिए डिटेल
BSE ने अपने SME प्लेटफॉर्म से मेन बोर्ड में माइग्रेट होने को इच्छुक SME के लिए नए गाइडलाइन जारी किए हैं।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी BSE ने अपने SME प्लेटफॉर्म से मेन बोर्ड में माइग्रेट होने को इच्छुक स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइज के लिए नए गाइडलाइन जारी किए हैं। इसके तहत आवेदक के पास पिछले दो वित्त वर्षों में कम से कम 15 करोड़ रुपये की नेट वर्थ होनी चाहिए। गाइडलाइन के तहत आवेदक कंपनी को कम से कम तीन सालों के लिए SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होना जरूरी है। इसके अलावा मेन बोर्ड में शिफ्ट होने से पहले उनके पास 250 पब्लिक शेयरहोल्डर होने चाहिए।

गाइडलाइन में क्या कहा गया है?

गाइडलाइन के मुताबिक SME का ऑपरेटिंग प्रॉफिट कम से कम तीन वित्त वर्षों में से किसी दो में पॉजिटिव होना चाहिए। साथ ही एक्सचेंज में माइग्रेशन एप्लिकेशन दायर करने वाले मौजूदा वित्त वर्ष में शुद्ध मुनाफे में बढ़ोतरी दर्ज की हो।

BSE ने एक सर्कुलर में कहा, ‘‘आवेदक के पास पिछले दो पूर्ण वित्त वर्षों के लिए कम से कम 15 करोड़ रुपये की शुद्ध संपत्ति होनी चाहिए।" इसके अलावा आवेदक की चुकता इक्विटी पूंजी 10 करोड़ रुपये से अधिक होनी चाहिए और मार्केट कैप कम से कम 25 करोड़ रुपये होना चाहिए।

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