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Cabinet meet : चीन से आने वाली FDI की शर्तों में मिली ढील, कैबिनेट ने कई अहम फैसलों पर लगाई मुहर

Cabinet meeting : कैबिनेट के बड़े फैसले के तहत चीन से आने वाले FDI की शर्तों में ढील देने के लिए Press Note 3 में बदलाव का फैसला लिया गया है। एक सीमा तक FDI की शर्तों में ढील दी गई है। तय सीमा तक बिना सरकार की मंजूरी के FDI आ सकेगा

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 10, 2026 पर 5:25 PM
Cabinet meet : चीन से आने वाली FDI की शर्तों में मिली ढील, कैबिनेट ने कई अहम फैसलों पर लगाई मुहर
Cabinet meet : इंसोल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड में बदलाव और कॉर्पोरेट लॉ अमेंडमेंट बिल को भी मंजूरी मिली गई है

Cabinet meeting : अब एक तय सीमा में चीन से आने वाली FDI को सरकार की मंजूरी की जरूरत नहीं होगी।  आज हुई कैबिनेट की बैठक में सरकार ने शर्तों में ढील देने का फैसला किया है। साथ ही कैबिनेट ने इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड और कॉर्पोरेट लॉ अमेंडमेंट बिल को भी मंजूरी दे दी है। कैबिनेट के बड़े फैसले के तहत चीन से आने वाले FDI की शर्तों में ढील देने के लिए Press Note 3 में बदलाव का फैसला लिया गया है। एक सीमा तक FDI की शर्तों में ढील दी गई है। तय सीमा तक बिना सरकार की मंजूरी के FDI आ सकेगा।

पहले के नियम के तहत,भारत के साथ ज़मीनी बॉर्डर शेयर करने वाले देशों की कंपनियों को (या ऐसे देशों में फ़ायदेमंद मालिकाना हक रखने वाली कंपनियों को)भारत में किसी भी सेक्टर में निवेश करने से पहले सरकार से ज़रूरी मंज़ूरी लेनी होती थी। यह नियम सात पड़ोसी देशों पर लागू होता है। इनमें चीन,बांग्लादेश, पाकिस्तान,भूटान,नेपाल,म्यांमार और अफ़गानिस्तान शामिल हैं।

हाल के सालों में ज़्यादा जांच-पड़ताल और कड़ाई के कारण,भारत के कुल FDI इनफ़्लो में चीन का हिस्सा काफ़ी कम है। आंकड़ों से पता चलता है कि अप्रैल 2000 और दिसंबर 2025 के बीच,निवेश करने वाले देशों में चीन 23वें नंबर पर था। इसने इस अवधि में 2.51 अरब डॉलर का निवेश कियाजो भारत में हुए कुल FDI इक्विटी इनफ़्लो का सिर्फ़ 0.32 फीसदी है।

जून 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के बीच रिश्ते बहुत खराब हो गए। इस घटना के बाद,भारत ने इन्वेस्टमेंट नियमों को सख्त कर दिया और TikTok, WeChat और Alibaba के UC Browser समेत 200 से ज़्यादा चीनी मोबाइल एप्लीकेशन पर बैन लगा दिया। हालांकि,भारत में चीनी FDI सीमित रहा है,लेकिन दोनों देशों के बीच आपसी व्यापार में काफी बढ़ोतरी हुई है। चीन भारत का दूसरा सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर बनकर उभरा है।

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