Cement Stocks: सीमेंट सेक्टर की कंपनियों के शेयरों में आज सुस्ती है। इसकी वजह ये है कि वैश्विक ब्रोकरेज फर्म मैक्वॉयरी इस सेक्टर में नियर टर्म में दबाव देख रही है। ब्रोकरेज के मुताबिक अभी इस सेक्टर में कंसालिडेशन हो रहा है जो मीडियम टर्म मार्जिन के लिए अच्छा है। हालांकि नियर टर्म का रिस्क बना हुआ है। हेल्दी डिमांड और लागत की सामान्य स्थिति के बावजूद सीमेंट की हल्की कीमतें चालू वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी और तीसरी तिमाही में कमाई को सुस्त बनाए रख सकती है। इससे पहले जून तिमाही में सुस्त घरेलू मांग के चलते सीमेंट कंपनियों के लिए जून तिमाही खास नहीं रही और सितंबर तिमाही में खास सुधार के आसार नहीं दिख रहे हैं।
Cement Stocks पर मिला-जुला रुझान
मैक्वॉयरी का सीमेंट सेक्टर पर मिला-जुला रुझान और कुछ कंपनियों के टारगेट प्राइस बढ़ाए हैं तो कुछ के घटाए हैं। डालमिया भारत को आउटपरफॉर्म रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस 2149 रुपये से बढ़ाकर 2176 रुपये कर दिया। वहीं रामको सीमेंट, एसीसी, अंबुजा सीमेंट, श्री सीमेंट और अल्ट्राटेक सीमेंट की रेटिंग न्यूट्रल है। इसमें रामको सीमेंट का टारगेट प्राइस ब्रोकरेज ने 876 रुपये से घटाकर 802 रुपये, एसीसी का 2592 रुपये से घटाकर 2508 रुपये और श्री सीमेंट का 27024 रुपये से घटाकर 25243 रुपये कर दिया है। वहीं दूसरी तरफ ब्रोकरेज ने अंबुजा सीमेंट का टारगेट प्राइस 608 रुपये से बढ़ाकर 620 रुपये और अल्ट्राटेक सीमेंट का 11,014 रुपये से बढ़ाकर 11,106 रुपये कर दिया है।
लेकिन निवेश के लिए बेहतर मौके का करें इंतजार
ब्रोकरेज फर्म मैक्वॉयरी के मुताबिक हेल्दी डिमांड और लागत की सामान्य स्थिति के बावजूद सीमेंट की हल्की कीमतें सितंबर तिमाही और दिसंबर तिमाही में कमाई को सुस्त बनाए रख सकती है। हालांकि ब्रोकरेज का कहना है कि अभी इस सेक्टर में कंसालिडेशन हो रहा है जो मीडियम टर्म मार्जिन के लिए अच्छा है। मैक्वॉयरी का कहना है कि कॉस्ट एफिशिएंसी के टारगेट हासिल होने से मार्जिन को सपोर्ट मिल सकता है लेकिन निवेशकों को एंट्री के लिए बेहतर मौके का इंतजार करना चाहिए। जब अच्छी कमाई की गुंजाइश साफ दिखे और वैल्यूएशन भी बेहतर हो, तब निवेश करने पर अच्छा रिटर्न मिलेगा।
एक और ब्रोकरेज निर्मल बैंग को वित्त वर्ष 2025 की पहली छमाही सुस्त दिख रही है। ब्रोकरेज का कहना है कि सीमेंट की कीमतें लगातार दस महीनों तक गिरती रही और तीन साल के निचले स्तर पर पहुंच गई हैं। हालांकि ब्रोकरेज का यह भी कहना है कि कमजोर मांग के बावजूद बिकवाली का दबाव दिखने की संभावना नहीं है क्योंकि दूसरी छमाही में मांग मजबूत होने की संभावना है। लोकसभा चुनाव बीत चुके हैं और अब मानसून भी गुजरने वाला है तो कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी फिर से रफ्तार पकड़ेगी। इससे सीमेंट की कीमतों को उबरने का मौका मिलेगा।
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