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मुनाफे में 250% उछाल के बावजूद लाल निशान में है ये केमिकल शेयर, मैनेजमेंट से जानिए क्या है आगे का प्लान

दीपक फर्टिलाइजर्स के CMD शैलेश सी. मेहता ने कहा कि केमिकल सेगमेंट के लिए एक कमजोर तिमाही रहने के बावजूद केमिकल कारोबार की कमाई में 8 फीसदी की सालाना बढ़त हुई है। उर्वरक और केमिकल ने एक बड़े सपोर्ट के रूप में काम किया है। इससे कंपनी को लगातार और बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिली है

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 30, 2024 पर 1:32 PM
मुनाफे में 250% उछाल के बावजूद लाल निशान में है ये केमिकल शेयर, मैनेजमेंट से जानिए क्या है आगे का प्लान
शैलेश का कहना है कि भारत की विकास की स्टोरी कायम है इसलिए रसायन और उर्वरक क्षेत्र में भी तेजी से विकास हो रहा है। फसल पोषण,माइनिंग केमिकल और इंडस्ट्रियल केमिकल व्यवसाय के लिए होने वाली मांग भारत की विकास गाथा के साथ अच्छी तरह से जुड़ी हुई है

दूसरी तिमाही में दीपक फर्टिलाइजर्स का मुनाफा करीब 250 फीसदी बढ़ा है। वही आय में 13 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। मार्जिन में भी 6 फीसदी का उछाल आया है। नतीजों पर खास चर्चा करते हुए दीपक फर्टिलाइजर्स एंड पेट्रोकेमिकल्स के CMD शैलेश सी. मेहता ने कहा कि दीपक फर्टिलाइजर्स एंड पेट्रोकेमिकल्स (DFPCL) ने वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है, जिससे कंपनी की आय में 13 फीसदी की बढ़त हुई है। इस ग्रोथ में मुख्य योगदान फसल पोषण व्यवसाय का रहा है। इस सेगमेंट की आय में 18 फीसदी सालाना ग्रोथ हुई है। जबकि,केमिकल सेगमेंट के लिए एक कमजोर तिमाही रहने के बावजूद केमिकल कारोबार की कमाई में 8 फीसदी की सालाना बढ़त हुई है। उर्वरक और केमिकल ने एक बड़े सपोर्ट के रूप में काम किया है। इससे कंपनी को लगातार और बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिली है।

शैलेश सी. मेहता ने आगे कहा कि स्पेशियलिट प्रोडक्ट्स से हुई कमाई के अनुपात में लगातार बढ़त देखने को मिल रहा,साथ ही आय में समग्र स्तर पर भी ग्रोथ हुई है। इसमें कमोडिटी से स्पेशियलिट प्रोडक्ट्स की ओर हुए शिफ्ट के रणनीतिक कदम का बड़ा योगदान रहा है। फसल पोषण व्यवसाय (क्रॉप न्यूट्रिशन बिजनेस) के थोक उर्वरक बिक्री मात्रा में शानदार 83 फीसदी सालाना की ग्रोथ देखने को मिली है जो अब तक की सर्वाधिक बिक्री है।

माइनिंग केमिकल्स की बात करते हुए उन्होंने कहा कि खनन गतिविधियों में गिरावट के कारण मानसून के समय में उत्पादन घट जाता है। जिसको ध्यान में रखते हुए रखरखाव और 50 केटीपीए की क्षमता विस्तार गतिविधियों के लिए टेक्निकल अमोनियम नाइट्रेट (टीएएन) संयंत्र को बंद कर दिया गया था, जिससे कुल क्षमता 587 केटीपीए पर रही।

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