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Explained: अडानी समूह की एंट्री से सीमेंट इंडस्ट्री में क्या बड़ा बदलाव आया है?

पिछले 10 साल से अल्ट्राटेक और श्री सीमेंट की बाजार हिस्सेदारी 40 फीसदी से ज्यादा है। अब दोनों के लिए अपनी बाजार हिस्सेदारी को बनाए रखना काफी मुश्किल होगा। अडानी ग्रुप न सिर्फ छोटी कंपनियों बल्कि अल्ट्राटेक और श्री सीमेंट की बाजार हिस्सेदारी में भी सेंध लगाएगा

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 18, 2022 पर 10:22 AM
Explained: अडानी समूह की एंट्री से सीमेंट इंडस्ट्री में क्या बड़ा बदलाव आया है?
फाइनेंशियल ईयर 2006-07 में Ambuja, ACC और हेडलबर्ग की इंडिया में बाजार हिस्सेदारी 24 फीसदी थी। यह घटकर फाइनेंशियल ईयर 2021-22 में 17 फीसदी रह गई।

अडानी ग्रुप (Adani Group) की एंट्री से सीमेंट इंडस्ट्री के स्ट्रक्चर में बुनियादी बदलाव आया है। ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस के बाद बिल्डिंग मैटेरियल कंपनियों पर कर्ज का बोझ काफी बढ़ गया। इंडिया सहित उनकी सब्सिडियरी की एक ही मांग थी-पेरेंट कंपनियां ज्यादा डिविडेंड का ऐलान करें ताकि कर्ज का उनका बोझ घट जाए। कैपिटल एलोकेशन के इस फैसले की वजह से पिछले दशक में इंडिया में मौजूद मल्टीनेशनल सीमेंट कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी में कमी आई।

फाइनेंशियल ईयर 2006-07 में Ambuja, ACC और हेडलबर्ग की इंडिया में बाजार हिस्सेदारी 24 फीसदी थी। यह घटकर फाइनेंशियल ईयर 2021-22 में 17 फीसदी रह गई। Jaypee, Ultratech Cement और Shree Cement जैसी घरेलू कंपनियों ने इसका फायदा उठाया। उन्होंने अपनी क्षमता और वॉल्यूम तेजी से बढ़ाई। Ultratech ने जेपी के एसेट्स का अधिग्रहण किया, जिसके बाद सीमेंट इंडस्ट्री में बदलाव दिखा। अब गौतम अडानी ग्रुप के होलसिम इंडिया के एसेट्स को खरीद लेने के बाद फिर से सीमेंट इंडस्ट्री की तस्वीर बदलने जा रही है।

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