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सितंबर में भारतीय मार्केट पर बढ़ा FIIs का भरोसा, उभरते बाजारों में सबसे अधिक निवेश आया यहां पर

FIIs's favourite investment bet: सितंबर महीने में अब तक भारतीय मार्केट में FIIs ने जितने पैसे डाले, वह उभरते देशों में सबसे अधिक है। हालांकि अगस्त महीने में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने यहां खरीदारी से अधिक बिकवाली की थी और सबसे अधिक पैसे ब्राजील में डाले थे। लेकिन इस महीने स्थिति बदलती दिख रही है। जानिए अभी क्या स्थिति है और एक्सपर्ट का क्या कहना है?

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Sep 19, 2024 पर 12:13 PM
सितंबर में भारतीय मार्केट पर बढ़ा FIIs का भरोसा, उभरते बाजारों में सबसे अधिक निवेश आया यहां पर
FIIs's favourite investment bet: भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती आगे भी बनी रहने वाली है और विदेशी निवेशकों के बढ़ते निवेश से इस बात की पुष्टि हो रही है।

FIIs's favourite investment bet: भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती आगे भी बनी रहने वाली है और विदेशी निवेशकों के बढ़ते निवेश से इस बात की पुष्टि हो रही है। सितंबर महीने में अब तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में 219 करोड़ डॉलर की खरीदारी की है जो बाकी एमर्जिंग मार्केट से अधिक है। वहीं वियतनाम, ब्राजील, दक्षिण कोरिया और ताईवान से विदेशी निवेशकों ने निकासी की है। भारतीय मार्केट पर विदेशी निवेशकों का भरोसा दमदार दिख रहा है आगे भी भारी निवेश आने की उम्मीद है लेकिन एक्सपर्ट्स ने सतर्क किया है कि इस लिक्विडिटी को बनाए रखने के लिए जरूरी है कि कंपनियां के तिमाही नतीजे शानदार आए।

क्या कहना है एक्सपर्ट्स का?

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के प्रमुख (इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजी) गौरंग शाह को उम्मीद है कि भारतीय मार्केट में आगे भी निवेश आएगा लेकिन उन्होंने सावधान भी किया है। उन्होंने कहा कि भारी-भरकम आवक समस्या खड़ी कर सकती है, अगर ब्लॉक डील, बल्क डील और आईपीओ के जरिए ये पैसे निवेश न हों। गौरंग का कहना है कि जो लिक्विडिटी बढ़ रही है यानी कि जो पैसा आ रहा है, उसे हैंडल करने के लिए देश की अपनी जीडीपी ग्रोथ की रफ्तार और कंपनियों के कमाई की ग्रोथ को टिकाऊ रखना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी फेड रेट के 0.50 फीसदी रेट कट के ऐलान के बाद अभ बाकी उबरते देशों की तुलना में भारत FPIs का पसंदीदा विकल्प बन सकता है।

इक्विनॉमिक्स रिसर्च के फाउंडर चोक्कालिंगम जी का कहना है कि भारतीय मार्केट की तेजी का फायदा उठाने से FPIs चूक गए थे लेकिन अब वे इसका फायदा उठाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। चोक्कालिंगम का कहना है कि वे स्मॉल और मिडकैप की बजाय लॉर्जकैप शेयरों पर दांव लगाएंगे।

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