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FPI फिर बने सेलर, अक्टूबर में शेयरों से निकाले ₹94000 करोड़

FPI Outflow in October: विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की बिकवाली की वजह से प्रमुख सूचकांक अपने शीर्ष स्तर से लगभग 8 प्रतिशत नीचे आ गए हैं। 2024 में शेयरों में उनका कुल निवेश घटकर 6,593 करोड़ रुपये रह गया है। इस साल FPI ने बॉन्ड बाजार में अब तक 1.06 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया है

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Nov 03, 2024 पर 12:20 PM
FPI फिर बने सेलर, अक्टूबर में शेयरों से निकाले ₹94000 करोड़
इससे पहले विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने मार्च, 2020 में शेयरों से 61,973 करोड़ रुपये निकाले थे।

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने अक्टूबर में भारतीय शेयर बाजार से 94,000 करोड़ रुपये (करीब 11.2 अरब अमेरिकी डॉलर) निकाले हैं। इस तरह यह FPI की निकासी के मामले में सबसे खराब महीना रहा है। घरेलू बाजारों में हाई वैल्यूएशन और चीन के शेयरों की आकर्षक वैल्यूएशंस की वजह से FPI भारतीय बाजार में सेलर बने हुए हैं।

इससे पहले विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने मार्च, 2020 में शेयरों से 61,973 करोड़ रुपये निकाले थे। FPI ने इस ताजा निकासी से पहले सितंबर में शेयरों में 57,724 करोड़ रुपये डाले थे। यह उनके निवेश का 9 माह का उच्च स्तर था। अप्रैल-मई में 34,252 करोड़ रुपये निकालने के बाद जून से FPI लगातार बायर रहे थे।

कौन फैक्टर तय करेंगे आगे की दिशा

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, मॉर्निंगस्टार इनवेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के एसोसिएट डायरेक्टर, मैनेजर रिसर्च हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि भविष्य में भू-राजनीतिक घटनाक्रम, ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव, चीनी अर्थव्यवस्था में प्रगति और अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे जैसे वैश्विक घटनाक्रम भारतीय शेयरों में विदेशी निवेश को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि घरेलू मोर्चे पर महंगाई का रुख, कंपनियों के तिमाही नतीजे और त्योहारी मांग के आंकड़ों पर FPI की निगाह रहेगी।

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