Stock Market Crash: भारतीय शेयर बाजारों में आज यानी शुक्रवार 10 मार्च के शुरुआती कारोबार में भारी गिरावट देखी गई। निफ्टी अपने 200 दिनों के औसत स्तर 17,430 के नीचे खुला। यह लगातार दूसरा दिन है, जब निफ्टी लाल निशान में कारोबार कर रहा है। निफ्टी और सेंसेक्स दोनों शुरुआती कारोबार में 1.3 फीसदी तक लुढ़क गए थे। वहीं हर 1 शेयर की बढ़त पर 3 शेयर गिरावट में कारोबार कर रहे थे। सुबह 10 बजे के करीब सेंसेक्स 800 अंक गिरकर 58,978 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 232 अंक गिरकर 17,357 के स्तर पर आ गया था। सिर्फ 793 शेयरों में बढ़त के साथ कारोबार हो रहा था। वहीं 1,964 शेयरों में गिरावट आई और 98 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। सिर्फ BSE का पावर इंडेक्स थोड़ा बेहतर प्रदर्शन कर रहा है, हालांकि यह भी दबाव में है।
भारत ही दुनिया भर के शेयर बाजारों में गिरावट देखी जा रही है। यह गिरावट अमेरिकी केंद्रीय बैंक के चेयरमैन जेरोम पॉवेल की ओर से महंगाई पर काबू पाने के लिए आक्रामक रुख को जारी रखने के बयान के बाद आई है। आइए जानते हैं कि शेयर बाजार में आज निवेशकों को कौन सी 5 वजहें परेशान कर रही हैं-
ग्लोबल बाजारों से कमजोर संकेत
बैंकिंग शेयरों में गिरावट
S&P-500 का बैंक इंडेक्स 15 अक्टूबर के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। इसके गिरावट के पीछे काफी हद तक SVB फाइनेंशियल ग्रुप की ओर से पैनिक होकर फंड जुटाने की कोशिश रही। यह टेक इंडस्ट्री को लोन देने वाला एक प्रमुख बैंक है। फंडिंग के लिए संघर्ष कर रहे स्टार्टअप्स से घटती जमा राशि के कारण इस बैंक को अपनी बैलेंस शीट को बढ़ाने के लिए अपने शेयरों को बेचने का ऑफर लाना पड़ा। इसके चलते एक दिन में इसके शेयर 60 फीसदी तक गिर गए। भारत में निफ्टी बैंक 1.75 फीसदी और निफ्टी पीएसयू बैंक 2.18 फीसदी टूटा।
विदेशी निवेशक इस साल अब तक भारतीय शेयर बाजार से करीब 2.52 अरब डॉलर की बिकवाली कर चुके हैं। हालांकि मार्च में वह जरूर अभी तक शुद्ध खरीदार रहे हैं। इससे पहले 2022 में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से करीब 17.21 अरब डॉलर का निवेश निराला था। निफ्टी में FII की शॉर्ट पोजिशन एक बार फिर से बढ़ने लगी है। इस हफ्ते की शुरुआत में यह आंकड़ा 47 फीसदी था, जो अब बढ़कर 60 फीसदी पर पहुंच गया है।
भारत सरकार आगामी 13 मार्च को महंगाई के आंकड़े जारी करने वाले है। निवेशक कोई बड़ी पोजिशन लेने से पहले इस आंकड़े का इंतजार करते हुए दिख रहे हैं। फरवरी में देश की खुदरा मंहगाई दर में मामूली कमी आने का अनुमान है, जो जनवरी में 3 महीने के उच्च स्तर 6.52% पर रहा था। मनीकंट्रोल की ओर से अर्थशास्त्रियों के बीच कराए गए एक पोल के मुताबिक, फरवरी में खुदरा महंगाई दर थोड़ी नरम होकर 6.4 फीसदी पर रह सकती है।
अमेरिकी में नौकरी से जुड़ी रिपोर्ट
अमेरिकी ट्रेजरी ने शुक्रवार को देश में नौकरियों से जुड़े आंकड़े जारी करने वाली है, जिस पर बाजार की करीबी निगाह होती है। रिपोर्ट के अनुकूल नहीं होने पर अमेरिकी केंद्रीय बैंक आगामी 22 मार्च को ब्याज दरों में 0.50 फीसदी की बढ़ोतरी का फैसला कर सकता है। अर्थशास्त्रियों को अनुमान है फरवरी में करीब सवा 2 लाख नौकरियों में इजाफा हो सकता है। लेकिन यह जनवरी में 5.17 लाख नई नौकरियों के आंकड़े के मुकाबले यह काफी कम होगा।