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हाई वैल्यूएशन 2023 में भारतीय इक्विटी बाजार की तेजी पर लगा सकता है लगाम

बाजार जानकारों का कहना है कि 2023 में वैल्यूएशन (महंगा होना) एक बड़ी चुनौती बनी रहेगी। इस साल अब तक NSE निफ्टी में करीब 7 फीसदी की तेजी आ चुकी है जबकि ग्लोबल बाजारों पर नजर डालें तो ग्लोबल स्टॉक्स में इस अवधि में औसतन 18 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 10, 2022 पर 10:50 AM
हाई वैल्यूएशन 2023 में भारतीय इक्विटी बाजार की तेजी पर लगा सकता है लगाम
Goldman Sachs ने 2023 के अंत तक निफ्टी के 20500 पर पहुंचने का टारगेट दिया है। उसका कहना है कि वर्तमान स्तरों से 2023 के अंत तक निफ्टी में हमें 10 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है

साल 2022 में दुनिया भर के बाजारों की कमजोरी के बीच भारतीय बाजार चमकता सितारा बनकर उभरा लेकिन जानकारों का कहना है कि 2023 में भारतीय बाजारों का हाई वैल्यूएशन इसके लिए मुश्किल साबित हो सकता है और दुनिया के दूसरे बाजारों की तुलना में भारतीय बाजार दबाव में दिख सकता है। एनालिस्टों और इक्विटी बाजार के रणनीतिकारों के बीच कराए गए एक सर्वे से निकलकर आया है कि भारतीय रुपया दूसरे उभरते बाजारों की करेंसी की तुलना में 2023 में कमजोरी का प्रदर्शन कर सकता है। वहीं, भारत के बॉन्ड बाजार को बड़े ग्लोबल इंडेक्स भी शामिल होने का फायदा मिलेगा।

Goldman Sachs के हिरेन दसानी का कहना है कि अगर अगले 6 से 12 महीनों के दौरान ग्लोबल ग्रोथ और सेटीमेंट में कुछ सुधार होता है तो अब तक काफी टूट चुके दूसरे बाजार भारत की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करते नजर आ सकते हैं। उनका कहना है कि पिछले 18 महीनों में भारतीय बाजार में दुनिया के दूसरे बाजारों की तुलना में काफी ज्यादा तेजी देखने को मिली है जिसके चलते अब भारतीय बाजार काफी महंगे नजर आ रहे हैं। ऐसे में अगर ग्लोबल मार्केट और आर्थिक स्थितियों में कोई रिकवरी आती है तो निवेशकों का रूझान उन देशों की तरफ ज्यादा होगा जो इस दौराना हुई पिटाई के चलते सस्ते हो गए हैं।

2023 में कैसी रह सकती है बाजार की चाल

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