Mahindra CIE Share Price : महिंद्रा सीआईई के शेयर सोमवार, 27 फरवरी को बीएसई पर 6.88 फीसदी कमजोर होकर 417.80 रुपये के स्तर पर आ गए। हालांकि, बाजार में भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद कंपनी के लिए घरेलू डिमांड मजबूत और यूरोपियन मार्केट में मार्जिन में सुधार की उम्मीद बरकरार है। कंपनी को मुख्य रूप से दो क्षेत्रों भारत (64 फीसदी) और यूरोप (36 फीसदी) से रेवेन्यू मिलता है। हालांकि, आज की गिरावट के बावजूद एनालिस्ट्स का शेयर पर भरोसा बरकरार है। पिछले एक महीने में शेयर लगभग 9 फीसदी, छह महीने में 52 फीसदी और एक साल में 115 फीसदी मजबूत हो चुका है।
ICICI Securities को है यह उम्मीद
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज (ICICI Securities) के एनालिस्ट्स को बेहतर परिचालन और रिटर्न रेश्यो में सुधार के दम पर महिंद्रा सीआईई के शेयर में 19 फीसदी की मजबूती आने की उम्मीद है। घरेलू क्लाइंट्स एमएंडएम, टाटा, मारुति सुजूकी से अच्छे बिजनेस के दम पर 2022-24 में 12.4 फीसदी की औसत सालाना ग्रोथ का अनुमान है। इसके साथ ही कंपनी को यूरोपियन मार्केट में पैसेंजर व्हीकल वर्टिकल से भी सपोर्ट मिलेगा।
मोतीलाल ओसवाल ने दिया यह टारगेट
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (एमओएफएसएल) ने कहा, “कैलेंडर वर्ष 22 की चौथी तिमाही ऐसी पहली तिमाही रही है, जब महिंद्रा फोर्जिंग्स यूरोप एजी (एमएफई) जर्मनी के बिना Mahindra CIE का प्रदर्शन हमारे अनुमान के अनुरूप रहा है। घरेलू डिमांड के दम पर घरेलू बिजनेस का प्रदर्शन यूरोपियन बिजनेस से बेहतर रहा है। वहीं, कॉस्ट को पास किए जाने और चिप शॉर्टेज में राहत से यूरोपियन बिजनेस से सुधार के संकेत मिले हैं।” इसके अलावा, कॉमोडिटी कॉस्ट मे भी कमी आई है। ऐसे में ब्रोकरेजेज कंपनी को आगे दोनों क्षेत्रों में मार्जिन में सुधार का अनुमान है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए 450 रुपये के टारगेट के साथ ‘बाई’ की सलाह दी है।
कंपनी ने दिसंबर 2022 में समाप्त तिमाही के दौरान सालाना आधार पर 96 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 166.2 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स दर्ज किया है। नतीजों के बाद शेयर में रैली बनी हुई है। वहीं, कंपनी का एबिटडा भी सालाना आधार 62 फीसदी बढ़कर 290 करोड़ रुपये हो गया।
कंपनी ने कहा कि उसके प्रदर्शन को भारत को ग्रोथ और मजबूत प्रॉफिटेबिलिटी से सपोर्ट मिला है। इसके अलावा, यूरोप में बड़े स्तर पर की गई कोशिशों से कॉस्ट (महंगाई, एनर्जी, ट्रांसपोर्ट) में बढ़ोतरी की भरपाई करने में मदद मिली है। मैनेजमेंट ने कहा कि उसका भारतीय बिजनेस ऑपरेशन मजबूत बने रहने की उम्मीद है। हालांकि, दोपहिया वाहनों की डिमांड जरूर सुस्त बनी हुई है। हालांकि, कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी से एबिटडा मार्जिन पर निगेटिव असर पड़ा है।
डिस्क्लेमरः यहां दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह निवेश विशेषज्ञों के अपने निजी विचार और राय होते हैं। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।