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आईपीओ और शेयरों की दोबारा लिस्टिंग में प्राइस डिस्कवरी के नियम बदल सकते हैं, जानिए क्या है पूरा मामला

सेबी यह जानना चाहता है कि प्रोसेस को ज्यादा पारदर्शी बनाने के लिए स्ट्रक्चरल चेंजेज की कितनी गुंजाइश है। इससे इनसॉल्वेंसी के बाद शेयरों की दोबारा लिस्टिंग से जुड़े मामलों में भरोसा बढ़ेगा। यह पूरा मामला स्वान डिफेंस के शेयरों की एनएसई और बीएसई पर दोबारा लिस्टिंग से जुड़ा है

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 20, 2025 पर 2:32 PM
आईपीओ और शेयरों की दोबारा लिस्टिंग में प्राइस डिस्कवरी के नियम बदल सकते हैं, जानिए क्या है पूरा मामला
Swan Defence के रिजॉल्यूशन प्लान को एप्रूवल मिलने के बाद इसके शेयरों की दोबारा लिस्टिंग हुई थी।

सेबी आईपीओ और दोबारा लिस्ट होने वाले शेयरों में प्राइस डिस्कवरी के फ्रेमवर्क में बदलाव करना चाहता है। रेगुलेटर ने इसके लिए स्टॉक एक्सचेंजों और दूसरे मार्केट पार्टिसिपेंट्स के साथ बातचीत शुरू कर दी है। इस साल स्वान डिफेंस के शेयरों की दोबारा लिस्टिंग में प्राइस डिस्कवरी को लेकर चिंता के बाद रेगुलेटर का ध्यान इस तरफ गया है। इस पूरी चर्चा के केंद्र में स्पेशल प्री-ओपन सेशंस के दौरान डमी प्राइस बैंड का इस्तेमाल है। कुछ इनवेस्टर्स का कहना है कि इसका असर निष्पक्षता पर पड़ता है।

प्राइस डिस्कवरी प्रोसेस को ज्यादा पारदर्शी बनाने पर फोकस

इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों का कहना है कि सेबी यह जानना चाहता है कि प्रोसेस को ज्यादा पारदर्शी बनाने के लिए स्ट्रक्चरल चेंजेज की कितनी गुंजाइश है। इससे इनसॉल्वेंसी के बाद शेयरों की दोबारा लिस्टिंग से जुड़े मामलों में भरोसा बढ़ेगा। सवाल है कि क्या प्री-ओपन सेशन में पार्टिसिपेशन बढ़ाने के लिए डमी प्राइस बैंड सिस्टम में बदलाव किया जा सकता है? क्या इसकी जगह एक ऑटोमैटेटेड मैकेनिज्म का इस्तेमाल किया जा सकता है? क्या 9:35 के बाद किसी तरह की रियायत पर रोक वाले नियम पर दोबारा विचार किया जा सकता है?

स्वान डिफेंस के शेयरों की दोबारा लिस्टिंग से जुड़ा है मामला

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