IRM Energy IPO Listing: गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी आईआरएम (IRM Energy) के शेयरों को आज ढहते मार्केट ने तेज झटका दिया। आईपीओ निवेशकों को लिस्टिंग गेन की बजाय इसने घाटा दे दिया। आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल 27 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ था। आईपीओ के तहत 505 रुपये के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी 479 रुपये के भाव पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को महज 5 फीसदी का लिस्टिंग गेन (IRM Energy Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर नीचे आ गए। फिसलकर यह 450.05 रुपये (IRM Energy Share Price) तक गिर गया। दिन के आखिरी तक यह थोड़ा रिकवर होकर 472.95 रुपये पर बंद हुआ यानी कि पहले दिन आईपीओ निवेशक 6 फीसदी से अधिक घाटे में हैं। हालांकि एंप्लॉयीज अभी फायदे में ही हैं क्योंकि उन्हें हर शेयर 48 रुपये के डिस्काउंट पर यानी 457 रुपये में मिला है।
IRM Energy IPO को कैसा रिस्पांस मिला था?
आईआरएम एनर्जी का 545.40 करोड़ रुपये का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 18 अक्टूबर से 20 अक्टूबर के बीच खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था। ओवरऑल यह आईपीओ 27.05 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाईड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा 44.73 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 48.34 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 9.29 गुना भरा था। एंप्लॉयीज के लिए आरक्षित हिस्सा 2.05 गुना भरा था।
इस आईपीओ के तहत 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 1.08 करोड़ नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से 307.26 करोड़ रुपये का इस्तेमाल तमिलनाडु के नमक्कल और तिरुचिरापल्ली में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के डेवलपमेंट में होगा। 135 करोड़ रुपये से कुछ कर्ज चुकाया जाएगा और बाकी फंड का इस्तेमाल आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में होगा।
आईआरएम एनर्जी एक गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी है। इसका कारोबार बनासकांठा (गुजरात), फतेहगढ़ साहिब (पंजाब), दीव और गिर सोमनाथ (केंद्र शासित प्रदेश दमन और दीव/गुजरात), और तमिलनाडु में नमक्कल और तिरुचिरापल्ली में फैला हुआ है। यह सीएनजी और रसोई गैस के साथ-साथ कमर्शियल और इंडस्ट्रियल यूनिट्स में उपयोग के लिए पीएनजी भी बेचती है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो कमजोर ऑपरेटिंग परफॉरमेंस के कारण सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी का नेट प्रॉफिट FY23 में 50 फीसदी से अधिक गिरकर 63.15 करोड़ रुपये हो गया, जो FY22 में 128 करोड़ रुपये था। नेचुरल गैस के स्टॉक-इन-ट्रेड की खरीद की लागत मार्च 2022 को समाप्त वर्ष में 249.2 करोड़ रुपये से बढ़कर FY23 में 779.5 करोड़ रुपये हो गई। इसी अवधि में ऑपरेशनल रेवेंयू 546.1 करोड़ रुपये से 90 फीसदी बढ़कर 1,039 करोड़ रुपये हो गया।