Why Stock Market Crash: दुनिया भर के शेयर बाजारों में हाहाकार मचा हुआ है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में तेजी के चलते स्टॉक मार्केट की घबराहट कम ही नहीं हो रही है। घरेलू मार्केट की बात करें तो बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) में आज लगातार छठे दिन भारी गिरावट है। आज की बात करें तो कारोबार खुलते ही थोड़ी देर में सेंसेक्स 63500 और निफ्टी 18900 के नीचे आ गया। शुरुआती 15 मिनट में ही बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 3.58 लाख करोड़ रुपये गिरकर 305.64 लाख करोड़ रुपये पर आ गया यानी 15 मिनट में निवेशकों की पूंजी 3.58 लाख करोड़ रुपये घट गई।
कारोबार आगे बढ़ने पर भी स्थिति संभल नहीं रही है और अब एक घंटे बाद इन कंपनियों का मार्केट कैप 303.64 लाख करोड़ रुपये ही रह गया यानी कि आज की गिरावट में एक घंटे में ही निवेशकों के 5.58 लाख करोड़ रुपये डूब गए। कारोबार आगे बढ़ने पर घाटे में कुछ रिकवकी तो हुई लेकिन दिन के आखिरी में भी करीब 3 लाख करोड़ रुपये का घाटा बना रहा। आज सेंसेक्स के सिर्फ पांच शेयर ग्रीन जोन में बंद हुए हैं लेकिन एक्सिस बैंक (Axis Bank) में ही तेजी एक फीसदी से अधिक रही। सेक्टरल इंडेक्सों की बात करें तो निफ्टी का कोई भी इंडेक्स ग्रीन नहीं है।
Stock Market में गिरावट क्यों है?
इजराइल-हमास के बीच चल रही लड़ाई (Israel-Hamas War) ने जियोपॉलिटिकल रिस्क बढ़ाया है। इसके चलते पूरे मिडिल ईस्ट यानी तेल उत्पादक देशों पर झटके की आशंका है जिससे तेल को लेकर दिक्कतें बढ़ सकती हैं जिससे दुनिया भर की इकनॉमी हिल सकती है। इससे महंगाई भी बढ़ने की आशंका है। इसके अलावा अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़ रही है तो रिस्क वाले माहौल में अमेरिकी ट्रेजरी अधिक आकर्षक हो गया है। दिग्गज कंपनियों की कमजोर सितंबर तिमाही ने भी निगेटिव सेंटिमेंट तैयार किया है।
इसके अलावा वैश्विक स्टॉक मार्केट में बिकवाली का भारी दबाव है। अमेरिका का S&P500 एक फीसदी से अधिक और नास्डाक 2 फीसदी से अधिक टूट गया तो दूसरी तरफ एशियाई मार्केट में चीन, जापान, हॉन्गकॉन्ग, इंडोनेशिया, दक्षिण कोरिया के मार्केट 2 फीसदी से अधिक तक टूट गए हैं। घरेलू मार्केट की बात करें तो विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने तगड़ा झटका दिया है। इस महीने उन्होंने 17,396.07 करोड़ रुपये के शेयरों की नेट बिक्री की है। एक और वजह से आज मार्केट में बिकवाली का दबाव है, वह है मंथली एक्सपायरी यानी कि आज F&O की मंथली एक्सपायरी का दिन है तो शेयरों पर इसने अपनी तरफ से भी दबाव बनाया है।
एक्सपर्ट्स का क्या है रुझान
मार्केट एक्सपर्ट और DRS Finvest के फाउंडर डॉ रवि सिंह के मुताबिक खरीदारी के लिए वेट एंड वॉच की स्ट्रैटेजी होनी चाहिए। उनका मानना है कि मौजूदा बियरिश मार्केट में निफ्टी 18600 के लेवल तक भी आ सकता है। फिलहाल यह 18900 के नीचे तक आ चुका है।