Why Stock Market Fall: घरेलू स्टॉक मार्केट संभलने का नाम ही नहीं ले रहा है और आज लगातार छठे दिन इसमें तेज गिरावट दिखी। इन छह कारोबारी दिनों में बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट 17 लाख करोड़ रुपये से अधिक घट गया यानी कि निवेशकों की इतनी पूंजी डूब गई। आज की बात करें तो सिर्फ आज ही निवेशकों ने 3 लाख करोड़ रुपये गंवाए हैं। 17 अक्टूबर को बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 66400 के पार बंद हुआ था और इंट्रा-डे में 66500 के पार पहुंच गया था लेकिन आज इंट्रा-डे में यह 63200 के भी नीचे आकर बंद हुआ है। वहीं Nifty 50 की बात करें तो 17 अक्टूबर को 19800 के पार बंद हुआ था और इंट्रा-डे में तो 19850 के करीब ही पहुंच गया था लेकिन आज 18900 के नीचे बंद हुआ है। मार्केट एक्सपर्ट्स से बातचीत के आधार पर यहां नीचे मार्केट में गिरावट की वजहों के बारे में बताया जा रहा है।
इजराइल और हमास के बीच जो जंग चल रही है, उसके थमने के अभी तक कोई संकेत नहीं मिले हैं। अगर इसकी आंच मिडिल ईस्ट तक पहुंचती है तो कच्चे तेल की कीमतों में आग लग जाएगी और दुनिया भर के निवेशकों के सामने सबसे बड़ी चिंता यही है। मिडिल ईस्ट से दुनिया भर में सबसे अधिक तेल की सप्लाई होती है।
कच्चे तेल की कीमतों में आग लगती है तो इसका असर दुनिया भर की इकनॉमी पर पड़ेगा। इसके झटके से कच्चा माल महंगा होगा और नतीजतन महंगाई भी बढ़ेगी। भारतीय इकनॉमी पर झटके की बात करें तो यहां जरूरत का 85 फीसदी तेल बाहर से आता है तो जाहिर सी बात है कि कच्चे तेल की कीमतें ऊपर चढ़ने का झटका जोरों से लग सकता है।
10 साल की अवधि वाले अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड 5 फीसदी के अहम लेवल को पार कर गई और यह 16 साल का हाई लेवल है। इसके चलते उभरते और रिस्क वाले मार्केट से पैसे निकालकर निवेशक अमेरिकी बॉन्ड में डाल सकते हैं। इससे उन्हें बिना रिस्क के अमेरिकी डॉलर में सालाना 5 फीसदी की दर से रिटर्न मिलेगा। चूंकि यह रिटर्न अमेरिकी डॉलर में मिलेगा तो करेंसी रिस्क भी नहीं है जबकि भारतीय मार्केट में निवेश पर यह रिस्क भी है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली
विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने भी मार्केट पर अच्छा खासा दबाव बनाया है। दो दिनों की नेट खरीदारी के बाद उन्होंने 25 अक्टूबर को फिर 4236.60 करोड़ रुपये के शेयरों की नेट बिक्री कर दी जबकि उससे पहले दो कारोबारी दिनों में उन्होंने 708.46 करोड़ रुपये के शेयरों की नेट खरीदारी की थी। नेट खरीदारी या नेट बिक्री किसी कारोबारी दिन या अंतराल में खरीदारी और बिक्री का अंतर है। इस महीने अब तक की बात करें तो आज यानी 26 अक्टूबर को छोड़कर (क्योंकि अभी डेटा नहीं जारी हुए हैं) विदेशी निवेशकों ने 17,396.07 करोड़ रुपये के शेयरों की नेट बिक्री की है।
स्टॉक मार्केट की कमजोरी की एक और बड़ी वजह दिग्गज कंपनियों की कमजोर तिमाही है। अधिकतर आईटी कंपनियां सुस्ती से जूझ रही हैं तो बैंक सिकुड़ते मार्जिन से जूझ रहे हैं।
स्टॉक मार्केट में आज लगातार छठे दिन तेज गिरावट रही। इन छह दिनों में मार्केट 4 फीसदी से अधिक टूट चुका है। आज के गिरावट की एक और बड़ी वजह ये रही कि आज निफ्टी 50 के F&O डेरिविटेव्स के लिए मंथली एक्सपायरी का दिन था।