Stock Tips: ब्रोकरेज फर्म जेफरीज इंडिया ने एक इंफ्रा स्टॉक जेएसडब्ल्यू इंफ्रा (JSW Infra) की कवरेज शुरू की है। इसके अलावा ब्रोकरेज का अदाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड पर पॉजिटिव रुझान बना हुआ है। ब्रोकरेज ने अदाणी पोर्ट्स का टारगेट प्राइस बढ़ा दिया है। हालांकि दोनों ही शेयरों में आज मुनाफावसूली का दबाव दिख रहा है जिसे ब्रोकरेज के हिसाब से निवेश के मौके के तौर पर देखना चाहिए। आज BSE पर जेएसडब्ल्यू इंफ्रा के शेयर 1.26 फीसदी की गिरावट के साथ 325.80 रुपये पर और अदाणी पोर्ट्स के शेयर 0.38 फीसदी की बढ़त के साथ 1475.85 रुपये पर बंद हुए हैं।
JSW Infrastructure और Adani Ports का क्या है टारगेट प्राइस?
जेफरीज इंडिया ने जेएसडब्ल्यू इंफ्रा की कवरेज शुरू की है और टारगेट प्राइस 375 रुपये पर फिक्स किया है। इसके अलावा अदाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड का टारगेट प्राइस 1482 रुपये से बढ़ाकर 1910 रुपये कर दिया है। इसके अलावा जेफरीज ने गुजरात पिपवाव पोर्ट की अंडरपरफॉर्म रेटिंग को बरकरार रखा है लेकिन टारगेट प्राइस 232 रुपये से घटाकर 140 रुपये कर दिया है। गुजरात पिपवाव पोर्ट के शेयर 1.14 फीसदी की गिरावट के साथ 226.25 रुपये पर बंद हुए हैं।
Jefferies ने क्यों किया टारगेट प्राइस में बदलाव?
जेफरीज का मानना है कि प्राइवेट सेक्टर के पोर्ट की डबल डिजिट वॉल्यूम और EBITDA ग्रोथ जारी रहेगी। इसे मार्केट शेयर गेन, अधिग्रहण और विस्तार से सपोर्ट मिलेगा जेफरीज की कैलुकेशन के मुताबिक FY24-30 के दौरान ऑल-इंडिया पोर्ट कार्गो के सालाना 6 फीसदी की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़ने की संभावना है, जो पिछले दशक के 5% औसत से ऊपर है। वहीं इस दौरान पोर्ट की क्षमता 1.3-1.4 गुना बढ़ने की उम्मीद है। प्राइवेट कंपनियां जैसे कि अदाणी पोर्ट्स, JSW इंफ्रा, और दुबई पोर्ट अपने कारोबार का विस्तार कर रहे हैं।
जेफरीज के मुताबिक 27% मार्केट शेयर वाले अदाणी पोर्ट्स को बढ़ते वॉल्यूम और ऑपरेटिंग लेवरेज के चलते इसके पोर्ट बिजनेस की EBITDA ग्रोथ 15% से अधिक रह सकती है। अदाणी पोर्ट्स में निवेश से जुड़े रिस्क की बात करें तो ग्रुप लेवरेज को लेकर निगेटिव सेंटिमेंट और पोर्ट्स की खरीदारी से मार्केट शेयर गेन नहीं मिला तो अदाणी पोर्ट्स के शेयरों को झटका लग सकता है।
जेएसडब्ल्यू इंफ्रा की बात करें तो ब्रोकरेज का मानना है कि इसका EBITDA सालाना 20 फीसदी के सीएजीआर से बढ़ने की उम्मीद है। इसमें इनऑर्गेथ ग्रोथ के मौकों को शामिल नहीं किया गया है। कंपनी की योजना वित्त वर्ष 2030 तक अपमी क्षमता मौजूदा 17 करोड़ टन से बढ़ाकर 40 करोड़ टन तक ले जाने का है और इसकी योजना नवकार लॉजिस्टिक्स के अधिग्रहण के जरिए लॉजिस्टिक्स में एंट्री की है। इसमें निवेश पर रिस्क की बात करें तो ग्रुप कैपेक्स की योजना में देरी के चलते वॉल्यूम ग्रोथ को झटका लग सकता है।
अब गुजरात पिपवाव पोर्ट की बात करें तो जेफरीज के मुताबिक मूंदड़ा पोर्ट पर अदाणी ग्रुप के दबदबे के चलते इसे मार्केट में अपना दबदबा बनाए रखने में दिक्कत हो सकती है। कंपनी गुजरात मैरिटाइम बोर्ड के साथ छूट में विस्तार के लिए बातचीत कर रही है। जेफरीज ने इसका टारगेट प्राइस 232 रुपये से घटाकर 140 रुपये कर दिया है और इसमें छूट में विस्तार शामिल नहीं है। ब्रोकरेज का कहना है कि अगर 30 फीसदी रेवेन्यू शेयर साथ एक्सटेंशन को मंजूरी मिल जाती है तो इसका टारगेट प्राइस 199 रुपये हो सकता है। इसमें निवेश पर रिस्क की बात करें तो अगर सिंगल डिजिट रेवेन्यू शेयर पर बात बनती है तो इसके शेयरों को झटका लग सकता है।
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