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Kotak Bank ने Deutsche Bank के भारतीय बिजनेस के लिए लगाई सबसे तगड़ी बोली, ये दिग्गज छूटे पीछे

Kotak Mahindra Bank News: ड्यूश बैंक ने करीब आठ साल पहले अपना भारतीय बिजनेस एक भारतीय बैंक को बेचने के लिए बातचीत शुरू की लेकिन आगे चलकर यह रुक गई। अब फिर सामने आ रहा है कि कोटक महिंद्रा बैंक इस रेस में सबसे आगे निकल गया है। जानिए ड्यूश बैंक के भारतीय बिजनेस को खरीदने की रेस में कौन-कौन बैंक आ चुके हैं और कोटक बैंक ने क्या ऑफर पेश किया है

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Mar 23, 2026 पर 4:12 PM
Kotak Bank ने Deutsche Bank के भारतीय बिजनेस के लिए लगाई सबसे तगड़ी बोली, ये दिग्गज छूटे पीछे
Kotak Mahindra Bank ने Deutsche Bank के खुदरा बिजनेस के लिए ₹4500 करोड़ का ऑफर पेश किया है। सीएनबीसी-टीवी18 के सूत्रों के मुताबिक यह Federal Bank के ऑफर से अधिक है।

Kotak Mahindra Bank News: ड्यूश बैंक (Deutsche Bank) के भारतीय कारोबार को खरीदने की रेस में प्राइवेट सेक्टर के दिग्गज लेंडर कोटक महिंद्रा बैंक सबसे आगे निकल चुका है। सीएनबीसी-टीवी18 को यह जानकारी आज 23 मार्च को सूत्रों के हवाले से मिली है। हालांकि मार्केट में मचे हाहाकार के बीच कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरों में इसका कोई पॉजिटिव असर नहीं दिखा और यह धड़ाम हो गया। टूटकर यह एक साल के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया। बिकवाली का दबाव इतना तेज है कि निचले स्तर पर खरीदारी के बावजूद यह काफी कमजोर स्थिति में है। आज बीएसई पर यह 2.58% की फिसलन के साथ ₹357.50 पर बंद हुआ है जबकि इंट्रा-डे में यह 2.73% फिसलकर ₹356.95 तक आ गया था।

Deutsche Bank के भारतीय बिजनेस के लिए Federal Bank से आगे निकली Kotak Mahindra Bank

कोटक महिंद्रा बैंक ने ड्यूश बैंक के खुदरा बिजनेस के लिए ₹4500 करोड़ का ऑफर पेश किया है। सूत्रों के मुताबिक यह फेडरल बैंक (Federal Bank) के ऑफर से अधिक है। सूत्रों के मुताबिक ड्यूश बैंक के ₹27 हजार करोड़ के पर्सनल, होम और एमएसएमई लोन्स, रिटेल डिपॉजिट्स और वेल्थ मैनेजमेंट बिजनेस पर कोटक महिंद्रा बैंक की नजर है। यह पहली बार नहीं है, जब ड्यूश बैंक के बिजनेस में भारतीय बैंकों की दिलचस्पी दिख रही है। इससे पहले ड्यूश बैंक ने अपने भारचीय रिटेल बुक को बेचने के लिए वर्ष 2018 में इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank) के साथ बातचीत शुरू की थी लेकिन यह बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी। ड्यूश बैंक इसे अपनी वैश्विक रीस्ट्रक्चरिंग स्ट्रैटेजी के तहत बेच रही है ताकि यह मुनाफे में चल रहे अपने कॉरपोरेट और इंवेस्टमेंट बैंकिंग पर फोकस कर सके।

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