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Laurus Labs Shares: लॉरेस लैब्स के शेयरों में क्यों आई 15% की गिरावट? तिमाही नतीजे भी रहे शानदार, जानें कारण

Laurus Labs Share Price: लॉरेस लैब्स लिमिटेड के शेयरों में आज 27 जनवरी को भारी गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में कंपनी के शेयर 15% तक लुढ़ककर 501.15 रुपये पर आ गए। इसके साथ ही शेयर में पिछले 2 दिनों से जारी तेजी थम गई। लॉरेस लैब्स ने पिछले हफ्ते अपने दिसंबर तिमाही के नतीजों का ऐलान किया था, जिसके बाद पिछले 2 दिनों में इसके शेयरों में करीब 6 फीसदी की तेजी देखने को मिली थी

Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Jan 27, 2025 पर 2:04 PM
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Laurus Labs Shares: दिसंबर तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा, कई गुना बढ़कर 92 करोड़ रुपये रहा

Laurus Labs Share Price: लॉरेस लैब्स लिमिटेड के शेयरों में आज 27 जनवरी को भारी गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में कंपनी के शेयर 15% तक लुढ़ककर 501.15 रुपये पर आ गए। इसके साथ ही शेयर में पिछले 2 दिनों से जारी तेजी थम गई। लॉरेस लैब्स ने पिछले हफ्ते अपने दिसंबर तिमाही के नतीजों का ऐलान किया था, जिसके बाद पिछले 2 दिनों में इसके शेयरों में करीब 6 फीसदी की तेजी देखने को मिली थी। हालांकि, सोमवार को बाजार खुलते ही निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली।

यह गिरावट उन मीडिया रिपोर्टों के बाद आई, जिसमें बताया गया है कि अमेरिका ने विदेशी सहायता पर रोक लगाने का आदेश दिया है। इसके चलते वहां के 'प्रेसिडेंड इमरजेंसी प्लान फॉर AIDS रिलीफ (PEPFAR)' के लिए सोमवार से ही पैसों की सप्लाई बंद हो जाएगी। इस कदम से दुनिया भर में लाखों लोगों के लिए एंटी-वायरल दवाओं (ARV) की सप्लाई भी बाधित हो सकती है।

रिपोर्ट के मुताबिक, PEPFAR कार्यक्रम को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के कार्यकाल के दौरान शुरू किया गया था और इसे HIV से लड़ने वाले संगठनों को अरबों डॉलर की फडिंग मुहैया कराकर दुनिया भर में लाखों लोगों के जीवन को बचाने का श्रेय दिया जाता है। साथ ही यह 55 देशों में 2 करोड़ से अधिक लोगों को एंटी-वायरल दवाओं (ARV) भी मुहैया कराता है।

डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले हफ्ते अमेरिका के राष्ट्रपति पद की गद्दी पर बैठने के बाद एक एग्जिक्यूटिव आदेश पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत अमेरिका के विदेशी सहायता कार्यक्रमों की 90-दिनों की अंदर समीक्षा करने के आदेश जारी किए गए थे। CBS न्यूज की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि शनिवार को अमेरिकी एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवेलपमेंट (USAID) की ओर से जारी किए गए एक बयान में साफ किया गया है कि यह "विदेशी सहायता रोक" सीमित अपवादों के साथ एक "पूर्ण विराम" का संकेत है।

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