RBI ने NBFCs के अपर लेयर क्लासिफिकेशन के लिए ड्राफ्ट नियम जारी कर दिए हैं। RBI ने अपर लेयर में शामिल होने के नियम काफी आसान कर दिए हैं। अब एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के AUM वाली NBFCs अपर लेयर में शामिल हो सकेगी। इसका कुछ कंपनियों पर पॉजिटिव असर पड़ेगा। वहीं, कुछ कंपनियों पर इसका निगेटिव असर भी देखने को मिल सकता है। आइए इस पूरी खबर और NBFCs इंडस्ट्री पर इसके असर को समझने की कोशिश करते हैं।
