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NBFC सेक्टर में होंगे बड़े बदलाव, जानिए किन कंपनियों के लिए पॉजिटिव, किन कंपनियों पर पड़ेगा निगेटिव असर

RBI के प्रस्तावित बदलाव का असर PNB HFC, सम्मान कैपिटल, PFC, REC, HUDCO और IRFC जैसे शेयरों पर देखने को मिलेगा। अपर लेयर NBFCs के क्लासिफिकेशन पर RBI ने ड्राफ्ट जारी किया। इस क्लासिफिकेशन के लिए जटिल स्कोरिंग सिस्टम खत्म किया गया 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के असेट वाले NBFCs अपने आप अपर लेयर में आ जाएंगी

Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Apr 13, 2026 पर 4:13 PM
NBFC सेक्टर में होंगे बड़े बदलाव, जानिए किन कंपनियों के लिए पॉजिटिव, किन कंपनियों पर पड़ेगा निगेटिव असर
Macquarie का कहना है कि टाटा संस अपर लेयर NBFCs में बनी रहेगी। नए नियमों के तहत टाटा संस को छूट नहीं मिलेगी

RBI ने NBFCs के अपर लेयर क्लासिफिकेशन के लिए ड्राफ्ट नियम जारी कर दिए हैं। RBI ने अपर लेयर में शामिल होने के नियम काफी आसान कर दिए हैं। अब एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के AUM वाली NBFCs अपर लेयर में शामिल हो सकेगी। इसका कुछ कंपनियों पर पॉजिटिव असर पड़ेगा। वहीं, कुछ कंपनियों पर इसका निगेटिव असर भी देखने को मिल सकता है। आइए इस पूरी खबर और NBFCs इंडस्ट्री पर इसके असर को समझने की कोशिश करते हैं।

NBFCs पर RBI के प्रस्तावित बदलाव

RBI के प्रस्तावित बदलाव का असर PNB HFC, सम्मान कैपिटल (SAMMAAN CAP), PFC, REC, HUDCO और IRFC जैसे शेयरों पर देखने को मिलेगा। अपर लेयर NBFCs के क्लासिफिकेशन पर RBI ने ड्राफ्ट जारी किया। इस क्लासिफिकेशन के लिए जटिल स्कोरिंग सिस्टम खत्म किया गया 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के असेट वाले NBFCs अपने आप अपर लेयर में आ जाएंगी। अब टॉप 10 NBFCs के ऑटोमैटिक अपर लेयर में शामिल होने का नियम खत्म हो गया है।

इस क्लासिफिकेशन के नए नियम सरकारी NBFCs पर भी लागू होंगे। यानी PFC, REC, HUDCO पर भी अपर लेयर के सख्त नियम लागू होंगे। सरकारी PFCs को राज्य सरकारों की अपकैप्ड गारंटी एक्सोजर हटाने की इजाजत होगी। अपर लेयर असेट थ्रेसहोल्ड पर 5 साल साल का रिव्यू साइकिल होगा।

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