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Market outlook: सेंसेक्स-निफ्टी गिरावट पर बंद, जानिए 27 मार्च को कैसी रह सकती है इनकी चाल

Market today: आज निफ्टी के 50 में से 41 शेयरों में गिरावट देखने को मिली है। सेंसेक्स के 30 में से 26 शेयरों में गिरावट रही है। वहीं, निफ्टी बैंक के 12 में से 10 शेयरों में गिरावट रही है। एनएसई पर सबसे एक्टिव शेयरों में ज़ोमैटो, मज़गांव डॉक, इंडसइंड बैंक, एचडीएफसी बैंक और एनसीसी के नाम शामिल रहे

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 26, 2025 पर 4:32 PM
Market outlook: सेंसेक्स-निफ्टी गिरावट पर बंद, जानिए 27 मार्च को कैसी रह सकती है इनकी चाल
मार्च महीने से कई सकारात्मक बातें देखने को मिली हैं। डॉलर इंडेक्स कमजोर हुआ है,रुपए में मजबूती आई है और एफआईआई की निकासी में भी कमी आई है। हालांकि टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितता निवेशकों को फिलहाल परेशान कर रही है

Stock market: मार्च एक्सपायरी से पहले बाजार में दबाव देखने को मिला है। 7 दिनों की तेजी के बाद सेंसेक्स-निफ्टी गिरावट पर बंद हुए हैं। BSE के सभी सेक्टर इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए हैं। मिडकैप औरस्मॉलकैप शेयरों में बिकवाली देखने को मिली है। PSE, तेल-गैस, रियल्टी शेयरों में बिकवाली रही। फार्मा, IT और एनर्जी इंडेक्स भी गिरावट पर बंद हुए। निफ्टी 182 प्वाइंट गिरकर 23,487 पर बंद हुआ है। सेंसेक्स 729 प्वाइंट गिरकर 77,289 पर बंद हुआ है। निफ्टी बैंक 399 प्वाइंट गिरकर 51,209 पर बंद हुआ है। मिडकैप 324 प्वाइंट गिरकर 51,656 पर बंद हुआ है।

आज निफ्टी के 50 में से 41 शेयरों में गिरावट देखने को मिली है। सेंसेक्स के 30 में से 26 शेयरों में गिरावट रही है। वहीं, निफ्टी बैंक के 12 में से 10 शेयरों में गिरावट रही है। एनएसई पर सबसे एक्टिव शेयरों में ज़ोमैटो, मज़गांव डॉक, इंडसइंड बैंक, एचडीएफसी बैंक और एनसीसी के नाम शामिल रहे। बीएसई मिडकैप इंडेक्स 0.4 फीसदी चढ़ा, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स सपाट बंद हुआ है।

फिडेंट एसेट मैनेजमेंट की संस्थापक और सीआईओ ऐश्वर्या दाधीच ने मनीकंट्रोल से बातचीत में कहा की बाजार में वर्तमान कंसोलीडेशन, ब्रॉडर मार्केट में घरेलू बिक्री,मार्च-अंत के क्लोजिंग प्रेशर और 2 अप्रैल की टैरिफ टाइम लाइन और आरबीआई नीति जैसी आगामी घटनाओं की वजह से आया है। सात दिनों की मजबूत रैली के चलते बाजार काफी ओवरबॉट हो गया है। आज का करेक्शन एक स्वाभाविक करेक्शन है।

उन्होंने आगे कहा कि मार्च महीने से कई सकारात्मक बातें देखने को मिली हैं। डॉलर इंडेक्स कमजोर हुआ है,रुपए में मजबूती आई है और एफआईआई की निकासी में भी कमी आई है। हालांकि टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितता निवेशकों को फिलहाल परेशान कर रही है। लेकिन ट्रंप से टैरिफ टैंट्रम से भारत की अर्थव्यवस्था या बाजारों में कोई खास बदलाव आने की संभावना नहीं है।

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