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Market view : इस बाजार में अगर दोनों तरफ ट्रेड नहीं ले सकते तो पैसा नहीं बनेगा - अनुज सिंघल

Market view : मेटल्स में अगर बड़ी करेक्शन हुई तो वो दोबारा एंट्री का मौका होगा। दिसंबर की सबसे बड़ी दिक्कत रही है मार्केट ब्रेथ। ये साल पोर्टफोलियो निवेशकों के लिए बेहद मुश्किल भरा रहा। दिसंबर में गिरने वाले स्टॉक्स और ज्यादा गिरे। इसका सबसे अच्छा उदाहरण है ट्रेंट, जहां बहुत लोग फंसे हैं। कल भी ये शेयर दिन के low पर बंद हुआ है, इस साल ये 42% गिरा

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 30, 2025 पर 11:11 AM
Market view : इस बाजार में अगर दोनों तरफ ट्रेड नहीं ले सकते तो पैसा नहीं बनेगा - अनुज सिंघल
अनुज सिंघल की राय है कि इस बाजार में अगर दोनों तरफ ट्रेड नहीं ले सकते तो पैसा नहीं बनेगा। इस साल काफी खराब क्वॉलिटी के IPOs ने भी बाजार का टेक्स्चर बिगाड़ा। 3-4 IPOs को हटा दे तों ज्यादातर IPOs घटिया क्वॉलिटी के थे

Nifty trend : बाजार पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि आज का सबसे बड़ा संकेत है NSE की दिसंबर सीरीज की एक्सपायरी। ये साल काफी तंग करने वाला रहा, अच्छा है खत्म हो रहा है। इस साल ट्रेडिंग करना काफी मुश्किल रहा,क्योंकि कोई बड़ा ट्रेंड नहीं मिला। बीच-बीच में छोटे ट्रेंड जरूर मिले। Individual थीम्स ने अच्छा पैसा बनाया। साल की दो सबसे बड़ी लॉन्ग ट्रेड रही है मेटल और सरकारी बैंक। साल की दो सबसे बड़ी शॉर्ट ट्रेड रही है रियल्टी और EMS। आज का एक और बड़ा संकेत है सोने और चांदी में भारी गिरावट। चांदी $82 का हाई लगाकर $72 तक फिसली। सोना भी $4584 के शिखर से $4370 तक गिरा। क्रूड में हल्की तेजी है, लेकिन अभी भी यह $62 के नीचे ही है। इस बाजार में अगर दोनों तरफ ट्रेड नहीं ले सकते तो पैसा नहीं बनेगा। इस साल काफी खराब क्वॉलिटी के IPOs ने भी बाजार का टेक्स्चर बिगाड़ा। 3-4 IPOs को हटा दे तों ज्यादातर IPOs घटिया क्वॉलिटी के थे।

बाजार:अब क्या हो रणनीति?

दिसंबर के आखिरी हफ्ते के मुश्किल होने का एक कारण है, वो ये कि काफी कम वॉल्यूम होने से कोई equilibrium नहीं होता। 100-200 प्वाइंट के मूव काफी छोटी ट्रेड में आ जाते हैं। ऐसे में आप ट्रेड तभी करें जब एकदम साफ ट्रेड दिखे। आज शायद इंट्राडे में एक बार के लिए बड़ी रैली आ जाए। उसका संकेत होगा अगर बाजार कल का low तोड़ कर घूम जाए और अगर पहले घंटे का हाई निकाल दे तो शायद ट्रेड बने। आज तो मेटल में भी मुनाफावसूली दिख सकती है। मेटल्स में अगर बड़ी करेक्शन हुई तो वो दोबारा एंट्री का मौका होगा। दिसंबर की सबसे बड़ी दिक्कत रही है मार्केट ब्रेथ। ये साल पोर्टफोलियो निवेशकों के लिए बेहद मुश्किल भरा रहा। दिसंबर में गिरने वाले स्टॉक्स और ज्यादा गिरे। इसका सबसे अच्छा उदाहरण है ट्रेंट, जहां बहुत लोग फंसे हैं। कल भी ये शेयर दिन के low पर बंद हुआ है, इस साल ये 42% गिरा है।

निफ्टी पर अनुज सिंघल की स्ट्रैटेजी

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