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SBI MF ने लॉन्च की मल्टी-कैप स्कीम, क्या आपको इन्वेस्ट करना चाहिए?

सेबी के नियमों के मुताबिक, मल्टी-कैप फंड के लिए स्मॉल-कैप, मिड-कैप और लार्ज-कैप शेयर्स में कम से कम 25-25 फीसदी इन्वेस्ट करना जरूरी है। हालांकि, एसबीआई मल्टी-कैप फंड को तीनों तरह के शेयर्स में 27-27 फीसदी इन्वेस्ट करने की इजाजत होगी

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 15, 2022 पर 11:04 AM
SBI MF ने लॉन्च की मल्टी-कैप स्कीम, क्या आपको इन्वेस्ट करना चाहिए?
स्टॉक मार्केट्स में जब छोटे-बड़े यानी हर तरह के शेयरों में तेजी होती है तो मल्टी-कैप फंड का प्रदर्शन अच्छा होता है। लेकिन, बाजार में सिर्फ लार्जकैप शेयरों में तेजी होने पर इस फंड का प्रदर्शन कमजोर पड़ जाता है।

एसबीआई म्यूचुअल फंड (SBI Mutual Fund) ने नई मल्टी-कैप स्कीम (Multi-cap Scheme) लॉन्च की है। इन्वेस्टर्स के लिए यह NFO सोमवार को खुल गया है। मल्टी-कैप स्कीम स्मॉल-कैप, मिड-कैप और लॉर्ज-कैप शेयर्स में पैसे लगाती है। यह एनएफओ 28 फरवरी को बंद हो जाएगा। मल्टी-कैप फंड की कैटेगरी नई है। इसलिए इस कैटेगरी का ज्यादा ट्रैक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। आइए इस स्कीम की मुख्य बातें जानते हैं। हम यह भी जानेंगे कि आपको इस स्कीम में निवेश करना चाहिए या नहीं।

सेबी के नियमों के मुताबिक, मल्टी-कैप फंड के लिए स्मॉल-कैप, मिड-कैप और लार्ज-कैप शेयर्स में कम से कम 25-25 फीसदी इन्वेस्ट करना जरूरी है। हालांकि, एसबीआई मल्टी-कैप फंड को तीनों तरह के शेयर्स में 27-27 फीसदी इन्वेस्ट करने की इजाजत होगी। फंड मैनेजर बाकी पैसे के निवेश का फैसला खुद ले सकेगा।

एसबीआई एमएफ में रिसर्च हेड रुचित मेहता ने बताया कि अतिरिक्त 2 फीसदी (25 फीसदी की जगह 27 फीसदी) का मकसद बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए बफर बनाना है। आर श्रीनिवासन इस फंड के फंड मैनेजर हैं। वह एसबीआई एमएफ में इक्विटी के हेड भी हैं।

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