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Adani Ports में नई पोजिशन लेने पर रोक, NSE ने इसे डाल दिया F&O की बैन लिस्ट में, समझें इसका क्या है मतलब

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन में 3 फरवरी के लिए F&O Ban List में डाल दिया है। इसका मतलब हुआ कि अडानी पोर्ट्स (Adani Ports) के शेयरों में इस हफ्ते फ्यूचर एंड ऑप्शंस की पोजिशन नहीं ले सकेंगे। एनएसई ने यह प्रतिबंध इसलिए लगाया है क्योंकि इसके शेयरों ने मार्केट वाइड पोजिशन लिमिट के 95 फीसदी के लेवल को पार कर दिया है

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Feb 03, 2023 पर 1:00 PM
Adani Ports में नई पोजिशन लेने पर रोक, NSE ने इसे डाल दिया F&O की बैन लिस्ट में, समझें इसका क्या है मतलब
Adani Ports के शेयर पिछले 20 सितंबर 2022 को 988 रुपये के हाई लेवल पर थे और अब तक यह 50 फीसदी से अधिक टूट चुका है।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन में 3 फरवरी के लिए F&O Ban List में डाल दिया है। इसका मतलब हुआ कि अडानी पोर्ट्स (Adani Ports) के शेयरों में इस हफ्ते फ्यूचर एंड ऑप्शंस की पोजिशन नहीं ले सकेंगे। एनएसई ने यह प्रतिबंध इसलिए लगाया है क्योंकि इसके शेयरों ने मार्केट वाइड पोजिशन लिमिट के 95 फीसदी के लेवल को पार कर दिया है। अंबुजा सीमेंट्स (Ambuja Cements) पहले से ही इस प्रतिबंधित लिस्ट में है। अडानी पोर्ट्स के शेयर पिछले 20 सितंबर 2022 को 988 रुपये के हाई लेवल पर थे और अब तक यह 50 फीसदी से अधिक टूट चुका है।

क्या है इस F&O Ban का मतलब

एनएसई के मुताबिक अगर किसी सिक्योरिटीज का डेरिवेटिव कांट्रैक्टस मार्केट वाइड पोजिशन लिमिट का 95 फीसदी पार कर लेता है तो उसे प्रतिबंधित लिस्ट में डाल दिया जाता है। मार्केट वाइज पोजिशन लिमिट को स्टॉक एक्सचेंज सेट करती है। यह किसी सिक्योरिटी के फ्यूचर एंड कांट्रैक्ट्स में आउटस्टैंडिंग ओपन पोजिशंस यानी बाय और सेल की अधिकतम संख्या को बताती है। अगर किसी स्टॉक का ओपन इंटेरेस्ट मार्केट वाइड पोजिशन लिमिट का 95 फीसदी पार कर लेता है तो उसके F&O कांट्रैक्ट्स को बैन लिस्ट में डाल दिया जाता है।

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