NSE Shares: साल 2020 से नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के शेयरों की वैल्यू में 3 गुना से ज्यादा उछाल आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आगे चलकर इस उछाल की रफ्तार धीमी हो सकती है। इसका कारण होगा सेबी की ओर से F&O सेगमेंट के लिए सख्त मानदंड लागू किए जाने पर डेरिवेटिव वॉल्यूम में संभावित गिरावट। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि चूंकि NSE का F&O सेगमेंट में बेहद ज्यादा दबदबा है, इसलिए वॉल्यूम में कोई भी गिरावट एक्सचेंज की वित्तीय स्थिति और फिर वैल्यूएशन को प्रभावित करेगी।
