Oil Stocks: $120 के करीब कच्चा तेल, 8% तक टूट गए Indian Oil जैसी तेल कंपनियों के शेयर, एक्सपर्ट ने किया सतर्क

OMC Stocks: दुनिया भर में ईरान और अमेरिका की लड़ाई ने कहर ढाया हुआ है। कच्चे तेल की गरमी ने माहौल और गरमाया हुआ है। युद्ध के दौरान कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती के फैसले के बीच कच्चा तेल प्रति बैरल $120 के करीब पहुंचा तो हाहाकार मच गया। घरेलू मार्केट में एचपी (HP), इंडियन ऑयल (Indian Oil) और भारत पेट्रोलियम (Bharat Petroleum) जैसे ओएमसी स्टॉक्स 8% तक टूट गए। चेक करें मौजूदा स्थिति और एक्सपर्ट व्यू

अपडेटेड Mar 09, 2026 पर 11:37 AM
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Crude Oil rocketed: कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ने वैश्विक वित्तीय बाजारों को हिलाकर रख दिया है। अमेरिका और ईरान की चल रही लड़ाई के बीच खाड़ी के देशों की कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती के फैसले ने इसमें और उबाल ला दिया है। (File Photo- Pexels)

Oil Stocks: तेल बेचने वाली कंपनियों के शेयर कच्चे तेल की उबाल में बुरी तरह झुलस गए। हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (Indian Oil Co.) के शेयर आज 9 मार्च को 8% तक टूट गए। क्रूड ऑयल यानी कच्चे तेल के भाव में तेज उछाल का ओएमसी यानी तेल बेचने वाली कंपनियों के शेयरों पर निगेटिव असर पड़ता है क्योंकि कच्चे माल की लागत बढ़ती है तो मार्केटिंग मार्जिन पर दबाव बढ़ता है और ऑपरेटिंग परफॉरमेंस को झटका लगता है। इन कंपनियों पर कच्चे तेल में उछाल का असर इसलिए और अधिक दिखा क्योंकि सरकारी सूत्रों के हवाले से सीएनबीसी-टीवी18 की रिपोर्ट के मुताबिक पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतें नहीं बढ़ाई जाएंगी।

$120 के करीब पहुंचा कच्चा तेल

कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल जारी है और गिरावट के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं। पिछले हफ्ते रिकॉर्ड तोड़ साप्ताहिक उछाल के बाद सोमवार को अमेरिकी कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 30% की तेजी आई और यह प्रति बैरल $120 के करीब पहुंच गया। तेल की बढ़ती कीमतें भारतीय बाजारों के लिए काफी निगेटिव हैं, क्योंकि भारत अपनी जरूरतों का बड़ा हिस्सा बाहर से ही मंगाता है। बता दें कि कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ने वैश्विक वित्तीय बाजारों को हिलाकर रख दिया है। अमेरिका और ईरान की चल रही लड़ाई के बीच खाड़ी के देशों की कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती के फैसले ने इसमें और उबाल ला दिया है।


क्या कहना है एक्सपर्ट का?

घरेलू ब्रोकरेज फर्म आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के एनर्जी एनालिस्ट प्रबल सेन (Probal Sen) का कहना है कि कच्चे तेल में उबाल से देश की ओएमसी (ऑयल मार्केटिंग कंपनियों) पर निगेटव तरीके से असर पड़ सकता है। उदाहरण के लिए उन्होंने कहा कि एचपीसीएल की बात करें तो नेट प्रॉफिट लेवल पर इसे करीब ₹90 का घाटा हो सकता है। उन्होंने आगे कहा कि GRM (ग्रास रिफाइनिंग मार्जिन) के हिसाब से यह कम या ज्यादा भी हो सकता है क्योंकि यह यह भी एक अहम फैक्टर है। उनका कहना है कि अगर कच्चे तेल के भाव बढ़े हुए रहते हैं तो करीब $11-$12 के जीआरएम पर भी घाटा काफी अधिक हो सकता है लेकिन इसमें थोड़ा बहुत अंतर आ सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि अगर रिटेल फ्यूल मार्जिन मौजूदा नकारात्मक स्तर पर बना रहता है, तो सबसे खराब स्थिति में कंपनी का ईपीएस करीब लगभग ₹80-90 के निगेटिव पर रह सकती है। सेन ने स्पष्ट किया कि यह अनुमान वार्षिक आधार पर है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ये सभी अनुमान मूल रूप से एक या दो महीने की गिरावट सालाना आंकड़े के रूप में है लेकिन यह सबसे खराब स्थिति को दर्शाता है।

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