PFC or REC: ब्रोकरेज यूबीएस ने पीएफसी और आरईसी पर लगाया दांव, लेकिन यह स्टॉक अधिक पसंद

Stock Tips: आरईसी (REC) और पीएफसी (PFC), दोनों ही सरकारी कंपनियों के शेयर निवेशकों के लिए मल्टीबैगर साबित हुए हैं। वैश्विक ब्रोकरेज फर्म यूबीएस दोनों को लेकर बुलिश है और खरीदारी की रेटिंग के साथ इनकी कवरेज शुरू की है। ब्रोकरेज का मानना है कि आगे भी ये दोनों शेयर शानदार रिटर्न देने वाले हैं। लेकिन सवाल ये उठता है कि दोनों में कोई एक चुनना हो तो कौन-सा चुनें?

अपडेटेड Aug 29, 2024 पर 5:11 PM
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वैश्विक ब्रोकरेज फर्म यूबीएस ने आरईसी और पीएफसी, दोनों को खरीदारी की रेटिंग दी है। इसमें आरईसी का टारगेट प्राइस 720 रुपये और पीएफसी का टारगेट प्राइस 670 रुपये है।

Stock Tips: वैश्विक ब्रोकरेज फर्म यूबीएस पावर फाइनेंसर्स आरईसी और पीएफसी, दोनों को लेकर बुलिश है। ब्रोकरेज ने इनकी खरीदारी की रेटिंग के साथ कवरेज शुरू की है। ये दोनों ही शेयर निवेशकों के लिए मल्टीबैगर साबित हुए हैं और निवेशकों को ताबड़तोड़ रिटर्न मिला है। आज की बात करें तो PFC (पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन) आज BSE पर 2.85 फीसदी की बढ़त के साथ 554.40 रुपये के भाव (PFC Share Price) और आरईसी के शेयर 1.24 फीसदी के उछाल के साथ 626.25 रुपये के भाव पर बंद हुए हैं। ब्रोकरेज का मानना है कि आगे भी ये दोनों शेयर शानदार रिटर्न देने वाले हैं। लेकिन सवाल ये उठता है कि दोनों में कोई एक चुनना हो तो कौन-सा चुनें?

REC या PFC?

विदेशी ब्रोकरेज का मानना है कि आरईसी और पीएफसी दोनों के ही ग्रोथ ड्राइवर्स समान ही हैं लेकिन पीएफसी की तुलना में आरईसी थोड़ी तेज बढ़ रही है। हालांकि ब्रोकरेज के मुताबिक पीएफसी स्टैंडएलोन मल्टीपल की तुलना में आरईसी के शेयर हिस्टोरिकली 25 फीसदी की तुलना में करीब 35 फीसदी प्रीमियम पर ट्रेड हो रहे हैं। ऐसे में यूबीएस को पीएफसी अधिक पसंद है।


अब दोनों की ही बात करें तो ब्रोकरेज का कहना है कि इनका फोकस रिन्यूएबल की तरफ बढ़ रहा है और इंफ्रा इनवेस्टमेंट भी बढ़ रहा है जिससे इनकी ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा। इनके लोनबुक का अब करीब 20 फीसदी रिन्यूएबल और इंफ्रा का है और यूबीएस का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2029 तक यह 40 फीसदी के करीब पहुंच सकता है क्योंकि पांच साल में भारत की रिन्यूएबल क्षमता दोगुनी हो रही है। इनकी ग्रोथ को सरकार के डिस्ट्रीब्यूशन स्कीम्स से अच्छा सपोर्ट मिलेगा।

रिन्यूएबल लोन इसलिए इन कंपनियों की ग्रोथ के लिए बेहतर है क्योंकि ये छोटे होते हैं और इनकी अवधि कम होती है और थर्मल प्लांट्स को दिए लोन की तुलना में इसमें रिस्क भी कम होते हैं। सरकारी गारंटियों के चलते दोनों कंपनियों को अच्छी दरों पर लॉन्ग टर्म के लिए फंड मिल सकता है, जो इनके लिए फायदे की बात है।

क्या है टारगेट प्राइस?

वैश्विक ब्रोकरेज फर्म यूबीएस ने आरईसी और पीएफसी, दोनों को खरीदारी की रेटिंग दी है। इसमें आरईसी का टारगेट प्राइस 720 रुपये और पीएफसी का टारगेट प्राइस 670 रुपये है। एक साल में शेयरों के चाल की बात करें तो पीएफसी के शेयर पिछले साल 1 सितंबर 2023 को एक साल के निचले स्तर 200.52 रुपये और पिछले महीने 12 जुलाई 2024 को यह 580.35 रुपये के रिकॉर्ड हाई पर थे। वहीं आरईसी के शेयर पिछले साल 1 सितंबर 2023 को एक साल के निचले स्तर 230.60 रुपये और पिछले महीने 12 जुलाई 2024 को 653.90 रुपये की रिकॉर्ड हाई पर पर थे।

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