तीन राज्यों के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जीत और वैश्विक ब्याज दरों के अपने चरम पर पहुंचने के बाद भारत में विदेशी निवेशकों की ओर से निवेश बढ़ सकता है। यह उम्मीद ब्रोकरेज फर्म फिलिपकैपिटल (PhillipCapital) ने जताई है। सितंबर और अक्टूबर के दौरान फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर (FII), शुद्ध सेलर रहे थे। इसके पीछे वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में वृद्धि और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के लिए सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के नए दिशानिर्देश कारण रहे। नए निर्देश 1 नवंबर से प्रभावी हैं। अक्टूबर में FII ने करीब 2.66 अरब डॉलर की बिकवाली की, जबकि सितंबर में उन्होंने करीब 2.19 अरब डॉलर की बिकवाली की।
