पिछले कुछ समय में तीन दिग्गज कंपनियों पेटीएम (Paytm) की पेटीएम पेमेंट्स बैंक, IIFL Finance और जेएम फाइनेंशियल के खिलाफ RBI और SEBI ने कड़ी कार्रवाई की है। इन पर नियामकीय कार्रवाई ने मार्केट को हिलाकर रख दिया है। हालांकि महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप के सीईओ और एमडी अनीष शाह के मुताबिक इन कार्रवाई से फाइनेंशियल सर्विस इंडस्ट्री को फायदा होगा। मनीकंट्रोल के साथ बातचीत में उन्होंने ये बातें कहीं। महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप भी इस इंडस्ट्री में है। एमएंडएम की गाड़ियों के लिए महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज सबसे बड़ी फाइनेंसर है। क्रेडिट रेटिंग एजेंसी इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के मुताबिक वित्त वर्ष 2023 के आंकड़ों के हिसाब से इसने एमएंडएम की करीब 40 यूटिलिटी वीईकल्स और 31 फीसदी ट्रैक्टर के बिक्री को फाइनेंस किया था।
क्या हुई है नियामकीय कार्रवाई
पिछले हफ्ते आरबीआई ने सुपरवाइजरी से जुड़ी अनियमितताओं के चलते एनबीएफसी आईआईएफएल फाइनेंस को गोल्ड लोन बांटने पर रोक लगा दिया। पिछले ही हफ्ते केंद्रीय बैंक RBI ने भारी कमियों के चलते जेएम फाइनेंशियल को शेयर और डिबेंचर के अगेन्स्ट किसी भी रूप में फाइनेंसिंग पर रोक लगा दिया है। इसके अलावा जनवरी के आखिरी दिन 31 जनवरी को पेटीएम पेमेंट्स बैंक को अहम बैंकिंग ऑपरेशंस जैसे कि नए डिपॉजिट्स लेने और क्रेडिट ट्रांजैक्शंस पर रोक लगा दिया है जो 15 मार्च के बाद प्रभावी हो जाएगा।
क्यों मान रहे Mahindra Group के सीएमडी इसे अच्छा
महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप के सीईओ और एमडी अनीष शाह का कहना है कि कोई प्रोसेस मजबूत होना चाहिए, कंट्रोल भी मजबूत होना चाहिए और रिस्क फ्रेमवर्क भी मजबूत होना चाहिए। अनीष के मुताबिक इस मामले में आरबीआई हमेशा अनुशासित रहा है और काम करने का सही ढंग भी है। उन्होंने आगे कहा कि इसे ऐसे समझें कि महिंद्रा ग्रुप काफी बड़ा समूह है और इससे काफी रिस्क जुड़े हुए हैं तो वह चाहेंगे कि इन रिस्क पर काबू पाया जाए और कारोबार पर कड़े नियंत्रण हों। जब उनसे पूछा गया कि क्या RBI की कार्रवाई ने उनके लिए मौके तैयार किए हैं तो उन्होंने कहा कि महिंद्रा ग्रुप रिस्की सेगमेंट्स को उधार देने का रिस्क नहीं लेगा।