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रियल एस्टेट एंसिलरी स्टॉक्स में होगी जोरदार कमाई, टायर, सीमेंट, ऑटो और हॉस्पिटैलिटी शेयरों पर भी रहे नजर

मनीकंट्रोल के साथ हुए एक बातचीत में कैजाद होजदार ने कहा कि होम इम्प्रूवमेंट सेक्टर की बड़ी कंपनियों का वैल्यूएशन प्रीमियम भी परंपरागत रूप से मजबूत और स्थिर रहा है। उनका मानना है कि यह ट्रेंड आगे भी जारी रहेगा। इन बातों को ध्यान में रखते हुए कैजाद होजदार को रियल्टी सेक्टर की एंसिलरी कंपनियां पसंद हैं। उनका कहना है कि इन कंपनियों को रिप्लेसमेंट बाजार से भी फायदा होता है। ये इनके लिए एक और बड़ा पॉजिटिव फैक्टर है

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड May 10, 2023 पर 3:55 PM
रियल एस्टेट एंसिलरी स्टॉक्स में होगी जोरदार कमाई, टायर, सीमेंट, ऑटो और हॉस्पिटैलिटी शेयरों पर भी रहे नजर
ट्रस्टप्लूटस वेल्थ में निवेश सलाहकार, कैजाद होजदार का कहना है कि अगले 1-2 सालों से नजरिए अधिकांश PSE शेयरों में काफी अच्छी संभावनाएं दिख रही हैं

ट्रस्टप्लूटस वेल्थ (TrustPlutus Wealth) में निवेश सलाहकार, कैजाद होजदार (Kaizad Hozdar) का कहना है कि लंबी अवधि के नजरिए से देखें तो रियल्टी सेक्टर की एंसिलरी कंपनियों का कारोबार प्योर रियल एस्टेट कंपनियों के विपरीत कम सिक्लिकल होते हैं। जिसके चलते रियल्टी सेक्टर की एनसिलरी कंपनियों के फ्री कैश फ्लो में अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है।" मनीकंट्रोल के साथ हुए एक बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि होम इम्प्रूवमेंट सेक्टर की बड़ी कंपनियों का वैल्यूएशन प्रीमियम भी परंपरागत रूप से मजबूत और स्थिर रहा है। उनका मानना है कि यह ट्रेंड आगे भी जारी रहेगा। इन बातों को ध्यान में रखते हुए कैजाद होजदार को रियल्टी सेक्टर की एंसिलरी कंपनियां पसंद हैं। उनका कहना है कि इन कंपनियों को रिप्लेसमेंट बाजार से भी फायदा होता है। ये इनके लिए एक और बड़ा पॉजिटिव फैक्टर है।

घरेलू इकोनॉमी के विकास का निर्भर कंपनियों पर ज्यादा फोकस करें

इक्विटी रिसर्च, इक्विटी एडवाइजरी और पोर्टफोलियो मैनेजमेंट का 17 सालों से ज्यादा अनुभव रखने वाले होज़दार का कहना है कि इक्विटी निवेशकों के लिए इस समय घरेलू इकोनॉमी के विकास का निर्भर कंपनियों पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करना बेहतर होगा। घरलू इकोनॉमी में आगे अच्छी मजबूती देखने को मिलेगा। जिसके चलते घरेलू इकोनॉमी पर आधारित कंपनियां अच्छा करती दिखेंगी। दूसरी तरफ एक्सपोर्ट पर निर्भर कंपनियों का आउटलुक अच्छा नहीं दिख रहा है। अमेरिका और यूरोजोन की इकोनॉमी की ग्रोथ रेट मल्टी-ईयर लो पर रहने की संभावना है ऐसे में एक्सपोर्ट ओरिएंटेड कंपनियों से दूर रहने की सलाह होगी।

क्या आपको लगता है कि 2023 आने वाले वर्षों में मजबूत बुल रन का आधार बनेगा? इस सवाल के जवाब में कैजाद होजदार ने कहा कि पिछले दो दशकों में भारत की नॉमिनल जीडीपी में लगभग 12 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। पिछले 2 दशकों में अर्निंग ग्रोथ भी 12 फीसदा के आसपास रही है। कैलेंडर वर्ष 2021 में महामारी के बाद लगे प्रतिबंधों को हटाए जाने के बाद अर्थव्यवस्था में दबी हुई मांग (पेंट अप डिमांड) के उभरने के चलते अच्छी रिकवरी देखने को मिली। इसके चलते बाजार में एक मजबूत रैली देखने को मिली और सेंसेक्स-निफ्टी पोस्ट कोविड हाई 50 फीसदी से ज्यादा ग्रोथ करते दिखे। इस उछाल के चलते भारतीय बाजार का वैल्यूएशन ऐतिहासिक औसत से ऊपर चला गया।

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