ग्लोबल मार्केट्स में गिरावट के बीच रुपया  81.93 के नए रिकॉर्ड लो पर, आगे कहां तक टूटेगी भारतीय करेंसी?

इक्विटी मार्केट्स में विदेशी निवेशकों की बिकवाली के चलते भी ट्रेडर्स के सेंटीमेंट को झटका लगा है। FIIs पिछले एक सप्ताह के दौरान भारतीय शेयर बाजार में 10,000 करोड़ रुपये की बिकवाली कर चुके हैं

अपडेटेड Sep 28, 2022 पर 11:21 AM
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ब्रोकरेज फर्म CR Forex को निकट भविष्य में भारतीय करेंसी के डॉलर की तुलना में 82.50-83.00 तक कमजोर होने की उम्मीद है

Indian Rupee INR : भारतीय रुपया बुधवार, 28 सितंबर को डॉलर की तुलना कमजोर होकर 81.93 डॉलर पर पहुंच गया, जो उसका ऑल टाइम लो है। ग्लोबल इक्विटी और करेंसी मार्केट में गिरावट का असर भारतीय करेंसी पर भी दिखाई दे रहा है।

रुपया बुधवार को प्रति डॉलर 81.93 के स्तर पर खुला। सुबह 9.30 बजे घरेलू करेंसी 0.42 फीसदी कमजोरी के साथ 81.86 पर ट्रेड कर रही है, जबकि एक दिन पहले भारतीय करेंसी 81.58 पर बंद हुई थी। वहीं, 10 साल के बॉन्ड की यील्ड 3 बेसिस प्वाइंट्स बढ़कर 7.32 फीसदी पर खुली।

83 तक जा सकता है रुपया


इक्विटी मार्केट्स में विदेशी निवेशकों की बिकवाली के चलते भी ट्रेडर्स के सेंटीमेंट को झटका लगा है। FIIs पिछले एक सप्ताह के दौरान भारतीय शेयर बाजार में 10,000 करोड़ रुपये की बिकवाली कर चुके हैं।

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ब्रोकरेज फर्म CR Forex को निकट भविष्य में भारतीय करेंसी के डॉलर की तुलना में 82.50-83.00 तक कमजोर होने की उम्मीद है। दूसरी तरफ, करेंसी को 81 और 80.50 पर मजबूत सपोर्ट रहेगा।

क्या जरूरी है रुपये का कमजोर होना

SBI Ecowrap ने इनवेस्टर्स को भेजे एक नोट में कहा, “RBI के बाजार को सपोर्ट करने के लिए दखल के साथ रुपये सही स्तरों पर होल्ड कर रहा है। हमारा मानना है कि आरबीआई द्वारा रुपये को कुछ और कमजोर होने देना सही हो सकता है। इससे एक उचित बैलेंस कायम हो सकता है।”

वहीं, फेड के सख्त रुख के चलते अमेरिका की 10 साल की ट्रेजरी यील्ड (US 10 year treasury yields) 2010 के बाद पहली बार 4 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई। फेड ने दोहराया कि महंगाई एक गंभीर खतरा है और ब्याज दरों में और बढ़ोतरी जरूरी है। उन्होंने कहा कि इंफ्लेशन को निशाना बनाने के भरोसे पर एक बड़ा जोखिम खड़ा हो गया है और इस पर फेड को प्रतिक्रिया देनी चाहिए।

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कई साल के लो पर कई एशियाई देशों की करेंसी

कई एशियाई और इमर्जिंग मार्केट की करेंसीज कई साल के लो पर पहुंच गई हैं। जापान की येन 25 फीसदी से ज्यादा टूट कर डॉलर की तुलना में 144 पर कारोबार कर रही है, क्योंकि बैंक ऑफ जापान बॉन्ड खरीदने में और 10 साल की यील्ड को 0.25 पर सीमित रखने में व्यस्त है।

अन्य एशियाई देशों में साउथ कोरिया की करेंसी वोन 1.12 फीसदी, इंडोनेशिया रुपियाह 0.72 फीसदी, चीन की ऑफशोर 0.66 फीसदी, चीन की Renminbi 0.6 फीसदी, ताइवान का डॉलर 0.58 फीसदी, सिंगापुर का डॉलर 0.44 फीसदी, थाईलैंड की बाट 0.21 फीसदी और मलेशिया की रिंगिट 0.18 फीसदी नीचे कारोबार कर रही है।

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