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संभल गए Samvardhana Motherson के शेयर, सबसे बड़ी क्लाइंट की यह चेतावनी भी नहीं रोक पाई उड़ान

Samvardhana Motherson Share Price: समवर्धन मदरसन इंटरनेशनल के शेयरों में आज भारी गिरावट की आशंका थी लेकिन खरीदारी के माहौल में यह न सिर्फ संभला बल्कि रॉकेट बन गया। इसके शेयरों को लेकर गिरावट की आशंका इसलिए बनी थी क्योंकि इसकी सबसे बड़ी क्लाइंट ने इसके कारोबार को लेकर एक बड़ी चिंता का जिक्र किया था, जानिए क्या और कौन है इसकी सबसे बड़ी क्लाइंट

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Oct 23, 2025 पर 4:37 PM
संभल गए Samvardhana Motherson के शेयर, सबसे बड़ी क्लाइंट की यह चेतावनी भी नहीं रोक पाई उड़ान
Samvardhana Motherson की सबसे बड़ी क्लाइंट वोक्सवैगन एजी (Volkswagen AG) ने सप्लाई चेन की उभरती दिक्कतों के चलते उत्पादन बंद होने की आशंका जताई है।

Samvardhana Motherson Share Price: घरेलू स्टॉक मार्केट में आज काफी रौनक है और 13 महीने के काफी लंबे समय बाद निफ्टी 50 ने एक बार 26 हजार का लेवल पार किया। इस माहौल में समवर्धन मदरसन के शेयरों ने भी कमाल किया और आशंकाओं के बीच 4 फीसदी से अधिक उछल गए। इससे पहले समवर्धन मदरसन की सबसे बड़ी क्लाइंट ने प्रोडक्शन बंद होने की आशंका जाहिर की थी तो शेयरों को झटके की आशंका दिख रही थी। आज बीएसई पर यह 2.14% के उछाल के साथ ₹107.64 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में यह 4.13% उछलकर ₹109.70 पर पहुंच गए थे।

Samvardhana Motherson का प्रोडक्शन बंद होने की आशंका क्यों?

समवर्धन मदरसन की सबसे बड़ी क्लाइंट वोक्सवैगन एजी (Volkswagen AG) ने सप्लाई चेन की उभरती दिक्कतों के चलते उत्पादन बंद होने की आशंका जताई है। यह विवाद चीन की चिप कंपनी नेक्सपेरिया (Nexperia) को लेकर है जिसने यूरोप की ऑटो इंडस्ट्री को हिला दिया है। समवर्धन मदरसन के लिए वोक्सवैगन एजी कितना अहम है, इसका अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि वित्त वर्ष 2025 में समवर्धन मादरसन की कुल आय में वोक्सवैगन एजी की 9% हिस्सेदारी थी जो इसके सभी क्लाइंट्स में सभी अधिक है। वैसे बता दें कि समवर्धन मदरसन ने सितंबर में अपनी नई पंचवर्षीय योजना का खुलासा किया था जिसमें एक योजना यह थी कि किसी भी एक क्लाइंट से रेवेन्यू कंपनी के टोटल रेवेन्यू के 10% से अधिक न हो।

न्यूज एजेंसी रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक वोक्सवैगन ने बुधवार 22 अक्टूबर को अपने स्टॉफ को बताया कि अभी तक चिप की किल्लत से उत्पादन प्रभावित नहीं हुआ है लेकिन शॉर्ट टर्म में ऐसा हो सकता है। कंपनी के प्रवक्ता का कहना है कि उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका को पूरी तरह से नकारा नहीं जा सकता। यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब डच सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा और बौद्धिक संपदा को खतरा बताते हुए पिछले महीने नेक्सपेरिया का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। इसके जवाब में चीन ने नेक्सपेरिया के चीन में स्थित प्लांट में बने सेमीकंडक्टरों के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया, जिससे यूरोप की गाड़ी बनाने वाली कंपनियों के लिए सप्लाई पर असर पड़ा।

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