दिग्गज इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट में गिने जाने वाले सौरभ मुखर्जी (Saurabh Mukherjea) और उनकी टीम ने NBFC बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance) में अपनी हिस्सेदारी कम कर दी है। सौरभ मुखर्जी, मार्सेलस इनवेस्टमेंट मैनेजर्स (Marcellus Investment Managers) के फाउंडर और चीफ इनवेस्टमेंट ऑफिसर हैं। कहा जा रहा है कि उन्होंने RBI द्वारा कंज्यूमर लोन्स पर रिस्क वेटेज बढ़ाने से बहुत पहले ही बजाज फाइनेंस में हिस्सेदारी घटा दी थी। मुखर्जी और उनकी टीम ने अब HDFC Bank में अलोकेशन बढ़ा दिया है।
मुखर्जी ने मनीकंट्रोल से बातचीत में कहा, "बजाज फाइनेंस मैनेजमेंट ने अक्टूबर में दूसरी तिमाही की अर्निंग्स कॉनकॉल में B2C पोर्टफोलियो में चिंताओं को उजागर किया था। जब बजाज फाइनेंस इस तरह की कोई बात करे, तो उद्योग को ध्यान देना चाहिए। उसके बाद हमने स्टॉक में अपनी हिस्सेदारी घटा दी।" बजाज फाइनेंस के मैनेजमेंट ने कहा था कि B2C को छोड़कर अन्य सभी के लिए रिस्क मेट्रिक्स, ग्रीन बना हुआ है। B2C के लिए रिस्क मेट्रिक्स सितंबर 2023 तक येलो था। कंपनी ने यह भी कहा कि वे स्टेज-2 ग्रामीण B2C सेगमेंट की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं और सुधारात्मक कार्रवाई कर रहे हैं, जिसके चलते इस सेगमेंट में मॉडरेट ग्रोथ देखी गई है।
90% से अधिक मोबाइल, लोन लेकर खरीदे जा रहे
मुखर्जी ने कहा, "जब हम (मैं और मेरी टीम) देश भर में यात्रा कर रहे थे, तो हमें एहसास हुआ कि 20000- 30000 रुपये के छोटे, असुरक्षित लोन 25-30 प्रतिशत बढ़ रहे हैं। 90 प्रतिशत से अधिक मोबाइल फोन, लोन लेकर खरीदे जा रहे हैं। यहां तक कि कम आय वाले कंज्यूमर्स द्वारा भी। यह हमारे लिए चिंता की बात थी। जब हमने इस बारे में बजाज फाइनेंस, HDFC Bank और चोला फाइनेंस से बात की तो उन्होंने बताया कि वे इस सेगमेंट में कटौती कर रहे हैं।"
एक महीने बाद 17 नवंबर को, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सभी कमर्शियल बैंकों और एनबीएफसी के कंज्यूमर क्रेडिट पर रिस्क वेटेज को पहले के 100 प्रतिशत से बढ़ाकर 125 प्रतिशत कर दिया। अधिकांश एनालिस्ट्स ने इसे बजाज फाइनेंस के लिए दोहरी मार बताया था क्योंकि इससे कुछ दिन पहले ही कंपनी के चुनिंदा प्रोडक्ट्स पर प्रतिबंध लगा था। लेकिन मुखर्जी इसे एक बड़ी चिंता के रूप में नहीं देखते हैं।
बजाज फाइनेंस के लिए अभी भी पॉजिटिव
उनका कहना है, "बजाज फाइनेंस के पास हाउसिंग फाइनेंस के लिए भी एक बड़ी बुक है, जिस पर रिस्क वेटेज नहीं बढ़ाया गया है। इसके अलावा यह बैंकों की तुलना में बॉन्ड से अधिक उधार लेती है, इसलिए इसके लिए जिस मात्रा में फंड की लागत बढ़ेगी वह अन्य NBFC जितनी अधिक नहीं होगी।" आगे कहा कि रिस्क वेटेज बढ़ने से फंड की लागत 20-30 बेसिस पॉइंट तक बढ़ सकती है। सितंबर 2023 तक बजाज फाइनेंस ने बैंक लोन से 32 प्रतिशत और नॉन-कनवर्टिबल डिबेंचर से 33 प्रतिशत उधार ले रखा था।
असुरक्षित कंज्यूमर लोन्स को लेकर मुखर्जी का मानना है कि फिनटेक जल्द ही अपने सुनहरे दिन देखेगा। उन्होंने कहा कि फिनटेक ने आक्रामक रूप से असुरक्षित लोन बांटे और उनके पास इसे वापस लेने के साधन नहीं हैं। हालांकि फिनटेक इसे सूचीबद्ध बैंकों के साथ साझेदारी में करते हैं, लेकिन यह बैंक की बड़ी बुक की केवल एक छोटी राशि जितना है।